Noida 14 मई 2026 मेदांता हॉस्पिटल नोएडा ने आज मेदांता NOIDA हार्ट इंस्टीट्यूट में “द फ्यूचर ऑफ एडवांस कार्डियक केयर” विषय पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश के प्रमुख कार्डियोलॉजिस्ट और हार्ट स्पेशलिस्ट्स ने हिस्सा लिया और हृदय रोगों के इलाज में हो रही नई प्रगति,

प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाओं तथा पेशेंट सेंट्रिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की।इस सत्र में भारत में तेजी से बढ़ रहे हृदय रोगों के बोझ पर विशेष ध्यान दिया गया और इस बात पर जोर दिया गया कि समय पर जांच, शुरुआती पहचान, सही समय पर उपचार, बेहतर जीवनशैली और एडवांस ट्रीटमेंट टेक्नोलॉजी तक पहुंच हृदय रोगों
से बचाव और बेहतर इलाज के लिए बेहद जरूरी है।विशेषज्ञ पैनल में डॉ. अमित कुमार मलिक, डायरेक्टर-इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल नोएडा, डॉ. परनीश अरोड़ा, डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल नोएडा, डॉ. विनीत भाटिया, डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA, डॉ. राजीव मेहरोत्रा, डायरेक्टर-क्लिनिकल एंड प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA, डॉ. संजय कुमार, डायरेक्टर-कार्डियक सर्जरी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA, डॉ. अमित चौधरी, डायरेक्टर-कार्डियक सर्जरी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA, डॉ. कपिल देव मोहिंद्रा, एसोसिएट डायरेक्टर-कार्डियक केयर, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA, डॉ. विनय कुमार शर्मा, डायरेक्टर-क्लिनिकल एंड प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA और डॉ. निशांत त्यागी, डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA शामिल रहे।सत्र के दौरान डॉ. अमित कुमार मलिक, डायरेक्टर-इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA ने कहा, “अरिद्मिया और एट्रियल फिब्रिलेशन जैसे हार्ट रिद्म डिसऑर्डर्स तेजी से बढ़ रहे हैं और अक्सर कॉम्प्लीकेशन्स बढ़ने तक इनका पता नहीं चल पाता। इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी में हो रही प्रगति, जैसे एडवांस मैपिंग टेक्नोलॉजी और कैथेटर एब्लेशन प्रक्रियाएं, मरीजों को अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने में मदद कर रही हैं, जिससे हार्ट रिद्म को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।”डॉ. परनीश अरोड़ा, डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA ने कहा, “इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी ने मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाओं के जरिए हृदय रोगों के इलाज को पूरी तरह बदल दिया है। समय पर एंजियोप्लास्टी, एडवांस स्टेंटिंग तकनीक और बेहतर इमेजिंग टेक्नोलॉजी के कारण ब्लॉकेज और कार्डियक इमरजेंसी से जूझ रहे मरीजों के उपचार में सफलता दर लगातार बढ़ रही है, साथ ही रिकवरी भी पहले से तेज और सुरक्षित हो गई है।”डॉ. विनीत भाटिया, डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल नोएडा ने कहा, “गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए शुरुआती पहचान और तेजी से उपचार बेहद जरूरी है। कैथ लैब्स में तकनीकी प्रगति और प्रिसिशन-गाइडेड प्रक्रियाओं के कारण आज कॉम्प्लेक्स कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का इलाज पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी हो गया है।”डॉ. राजीव मेहरोत्रा, डायरेक्टर-क्लिनिकल एंड प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल नोएडा ने कहा, “प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी हृदय रोगों के बढ़ते खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, तनाव और स्मोकिंग जैसे लाइफस्टाइल से जुड़े रिस्क फैक्टर्स को नियमित जांच और समय पर हस्तक्षेप के जरिए नियंत्रित करके गंभीर हृदय जटिलताओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।”डॉ. संजय कुमार, डायरेक्टर-कार्डियक सर्जरी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA ने कहा, “मिनिमली इनवेसिव और टेक्नोलॉजी-असिस्टेड सर्जिकल तकनीकों को अपनाने के कारण कार्डियक सर्जरी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इन नई तकनीकों से सर्जरी की सटीकता बढ़ी है, रिकवरी का समय कम हुआ है और जटिल हृदय सर्जरी कराने वाले मरीजों को लंबे समय तक बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।”डॉ. अमित चौधरी, डायरेक्टर-कार्डियक सर्जरी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA ने कहा, “कार्डियक सर्जरी में सफल परिणाम सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता और समय पर रेफरल बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि मरीजों के लक्षणों की शुरुआती जांच हो और उन्हें सही समय पर स्पेशलाइज्ड सर्जिकल केयर मिले, तो जानलेवा कॉम्प्लीकेशन्स से बचा जा सकता है।”डॉ. कपिल देव मोहिंद्रा, एसोसिएट डायरेक्टर-कार्डियक केयर, मेदांता हॉस्पिटल नोएडा ने कहा, “समग्र कार्डियक केयर के लिए मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच की जरूरत होती है, जिसमें प्रिवेंशन, डायग्नोसिस, ट्रीटमेंट, रिहैबिलिटेशन और लगातार मॉनिटरिंग शामिल हो। मरीजों को जागरूक करना और समन्वित देखभाल उपलब्ध कराना बेहतर हार्ट हेल्थ और जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए बेहद जरूरी है।”डॉ. विनय कुमार शर्मा, डायरेक्टर-क्लिनिकल एंड प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA ने कहा, “हृदय रोगों की रोकथाम की शुरुआत कम उम्र से ही स्वस्थ जीवनशैली, नियमित एक्सरसाइज, संतुलित आहार और नियमित हेल्थ चेक-अप के जरिए होनी चाहिए। प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी के प्रति जागरूकता बढ़ाकर सभी आयु वर्गों में कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों की घटनाओं को कम किया जा सकता है।”डॉ. निशांत त्यागी, डायरेक्टर-इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल NOIDA ने कहा, “आधुनिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी कॉम्प्लेक्स हृदय रोगों के लिए अत्यधिक सटीक और मरीजों के अनुकूल उपचार विकल्प उपलब्ध करा रही है। कार्डियक प्रक्रियाओं और इमेजिंग टेक्नोलॉजी में लगातार हो रहे इनोवेशन से मरीजों की सुरक्षा, प्रक्रिया की दक्षता और लंबे समय तक बेहतर हार्ट आउटकम सुनिश्चित हो रहे हैं।”जागरूकता सत्र का समापन एक इंटरैक्टिव चर्चा के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने हृदय रोगों की रोकथाम, लक्षणों, उपचार विकल्पों और आधुनिक कार्डियोलॉजी में टेक्नोलॉजी की भूमिका से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों से विस्तार से बातचीत की। इस पहल के जरिए मेदांता NOIDA हार्ट इंस्टीट्यूट ने समुदाय को विश्वस्तरीय कार्डियक केयर उपलब्ध कराने और जागरूकता बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
