NOIDA JOURNALIST PRAMOD DIXIT

Noida sector 14 A स्थित श्री सिद्ध पीठ शनि मंदिर में शनि जयंती एवं शनि अमावस्या के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न ।

पूरे मंदिर परिसर में सुबह से देर रात तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और “जय शनिदेव” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। आचार्य पुष्कर चंद्र भट्ट के सान्निध्य एवं निर्देशन में आयोजित अष्टकुंडीय श्री शनि महायज्ञ में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ में आहुति अर्पित की और भगवान शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने तिल, तेल, काला वस्त्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर पंकज सिंह, महेश चौहान, वंदना त्रिपाठी, आर.एस. यादव, डॉ. वी.एस. चौहान, डॉ. वी.के. गुप्ता, आलोक द्विवेदी, करतार सिंह चौहान एवं चंद्र मौली शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोगों ने पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम में सहभागिता की। शनि सेवा समिति के अध्यक्ष मान सिंह चौहान ने कहा कि भगवान शनिदेव न्याय के देवता हैं और उनकी आराधना से जीवन की बाधाएं दूर होकर सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लगभग 13 वर्षों बाद दुर्लभ संयोग बना है, जब शनि जयंती शनिवार को पड़ी। साथ ही शनिश्चरी अमावस्या, वट सावित्री व्रत, भरणी-कृतिका नक्षत्र तथा सौभाग्य-शोभन योग के विशेष संयोग ने इस दिन को धार्मिक एवं ज्योतिषीय दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। समिति के मंत्री एवं सचिव राजीव मिश्रा ने बताया कि सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। पूरे दिन अभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना, विशाल आरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन चलता रहा। श्रद्धालुओं ने शनिदेव से परिवार की सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति की प्रार्थना की। आचार्य पुष्कर चंद्र भट्ट ने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि शनि जयंती का पर्व शनिदेव की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम अवसर माना जाता है। विशेष रूप से साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष से प्रभावित लोगों के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी होता है। उन्होंने जरूरतमंदों को काले वस्त्र, उड़द की दाल, काला तिल, लोहे के बर्तन एवं सरसों का तेल दान करने की अपील की। कार्यक्रम के अंतर्गत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक आयोजित भजन संध्या एवं भव्य झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक गीतों और झांकियों के बीच श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन दिखाई दिए। इस आयोजन को सफल बनाने में एस.सी. गुप्ता, दीपक गुप्ता, प्रमोद त्यागी, दयाशंकर तिवारी, संतोष पचौरी, भूपेंद्र शर्मा, पी.के. पांडेय, पी.के. गुप्ता, रचना यादव, डॉ. लीना चौहान, महेंद्र सिंह चौहान, एस के ठक्कर, हुकूमत राय एवं अभिषेक मिश्रा सहित अनेक लोगों का विशेष योगदान रहा।
