Noida संवाददाता प्रमोद दीक्षित
NOIDA के भंगेल स्थित शंभू वाटिका (प्लॉट नंबर 88, एनके हॉस्पिटल के पास) में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां एक मकान से सटा बिजली का खंभा और उस पर फैले खुले, उलझे तार लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
मौके की स्थिति साफ बताती है

कि खंभा सीधे मकान की दीवार और बालकनी के बेहद करीब है, जबकि कई तार खुले और नीचे लटक रहे हैं। यह किसी भी समय शॉर्ट सर्किट, करंट फैलने या बड़े हादसे का कारण बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
इस मामले में अब सीधे तौर पर बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों— SDO, AVINASH PANDEY jee ,lineman—की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर नियमित निरीक्षण के बावजूद इतनी खतरनाक स्थिति कैसे बनी रही? क्या अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण नहीं किया या फिर शिकायतों को नजरअंदाज किया गया?
शंभू वाटिका के स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी क्षेत्र में खुले तार, झूलती लाइनें और खंभों की खराब स्थिति को लेकर कई बार लापरवाही सामने आ चुकी है। बावजूद इसके विभाग द्वारा स्थायी समाधान की जगह अस्थायी और अधूरे काम किए जाते हैं, जिससे खतरा लगातार बना रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की लापरवाही से न केवल आग लगने की आशंका रहती है बल्कि बारिश या नमी के दौरान करंट फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि खंभे को सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जाए, सभी तारों को व्यवस्थित कर सुरक्षित किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। अब देखना यह है कि बिजली विभाग इस गंभीर मामले में कब तक कार्रवाई करता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी।
