NOIDA JOURNALIST PRAMOD DIXIT NOIDA GREATER NOIDA- एक्सप्रेसवे के किनारे बसे गांवों और सेक्टरों को प्रस्तावित सिटी बस सेवा से जोड़ने की मांग

ग्राम विकास संगठन ने नोएडा प्राधिकरण के समक्ष आवाज बुलंद की है। संगठन के प्रतिनिधियों ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम संबोधित एक ज्ञापन प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश को सौंपकर इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।ग्राम विकास संगठन के संयोजक डीपी चौहान के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी और सदस्य नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि नोएडा शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सिटी बस सेवा शुरू की जा रही है, लेकिन कई गांवों और सेक्टरों को इससे बाहर रखा गया है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।डीपी चौहान ने बताया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास बड़ी संख्या में गांव और सेक्टर स्थित हैं, जहां हजारों लोग निवास करते हैं। इन क्षेत्रों के निवासी लंबे समय से बेहतर सार्वजनिक परिवहन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सिटी बस सेवा का विस्तार इन क्षेत्रों तक नहीं किया गया तो यहां के लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।ग्राम विकास संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने ज्ञापन के माध्यम से प्राधिकरण का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया कि रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर, गढ़ी शाहपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, नंगली शाखपुर, नंगली नंगला, नंगली वाजिदपुर, छपरौली, दोस्तपुर मंगरौली, याकूबपुर, दल्लूपुरा, मोहियापुर, गुलावली, झट्टा, बादोली, कामबक्सपुर, कोंडली तथा गढ़ी समस्तीपुर सहित कई गांवों को प्रस्तावित बस रूट में शामिल नहीं किया गया है।उन्होंने यह भी कहा कि सेक्टर-126 से 135 तथा 151 से 168 तक के अनेक सेक्टरों को भी सिटी बस सेवा से नहीं जोड़ा गया है। प्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए चार बस रूटों में इन क्षेत्रों को स्थान नहीं मिलने से यहां रहने वाले लोगों को निराशा हुई है।अशोक चौहान ने कहा कि पिछले लगभग दस वर्षों से इन गांवों और सेक्टरों के निवासी विभिन्न माध्यमों से अपनी मांग प्राधिकरण तक पहुंचाते रहे हैं। ग्राम चौपालों, जनसुनवाई कार्यक्रमों तथा ‘नोएडा आपके द्वार’ जैसे अभियानों में भी सिटी बस सेवा की मांग बार-बार उठाई गई, लेकिन अब जब शहर में बस सेवा शुरू होने जा रही है तो इन क्षेत्रों को नजरअंदाज किया जा रहा है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ये गांव और सेक्टर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र का हिस्सा हैं तो इनके साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन गांवों की भूमि अधिग्रहित कर नोएडा का विकास किया गया है, इसलिए यहां रहने वाले लोगों को भी शहर की मूलभूत सुविधाओं का समान अधिकार मिलना चाहिए।संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन केवल सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि यह रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। बस सेवा उपलब्ध होने से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष लाभ मिलेगा।ज्ञापन में मांग की गई है कि नोएडा प्राधिकरण सभी संबंधित गांवों और सेक्टरों का सर्वे कराकर उन्हें सिटी बस सेवा के रूट से जोड़े। संगठन ने कहा कि यदि इन क्षेत्रों को बस सेवा से नहीं जोड़ा गया तो बड़ी संख्या में लोग परिवहन सुविधा से वंचित रह जाएंगे।ग्राम विकास संगठन ने उम्मीद जताई है कि नोएडा प्राधिकरण इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और शहर के साथ-साथ गांवों तथा दूरस्थ सेक्टरों को भी सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में शामिल कर समान विकास की दिशा में कदम उठाएगा। :::
