
NOIDA JOURNALIST PRAMOD DIXIT Gautam Budh Nagar यमुना एक्सप्रेसवे और सेक्टर-132 स्थित WTC परियोजनाओं के खरीदारों ने बिल्डर पर करीब 5,000 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (RERA) से लंबित मामलों का जल्द निस्तारण और आदेशों के प्रभावी अनुपालन की मांग उठाई है। 20 हजार खरीदारों के प्रभावित होने का दावा WTC आवंटियों की कल्याणकारी संस्था (पंजीकृत) के महासचिव विपुल गुप्ता ने जारी प्रेस टिप्पणी में दावा किया कि WTC IT/ITES प्रोजेक्ट (टेक ज़ोन, यमुना एक्सप्रेसवे) और WTC CBD (सेक्टर-132, नोएडा) सहित समूह की अन्य परियोजनाओं में लगभग 20 हजार खरीदार प्रभावित हैं। संस्था का आरोप है कि खरीदारों से बड़ी राशि लेने के बावजूद कई परियोजनाएं वर्षों बाद भी पूरी नहीं हो सकी हैं।रेरा चेयरमैन से की मुलाकातसंस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने रेरा के चेयरमैन संजय आर. भूसरेड्डी से नोएडा कार्यालय में मुलाकात कर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, पहले से पारित आदेशों के आधार पर रिकवरी की कार्रवाई तेज करने तथा खरीदारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।नियामक व्यवस्था पर भी उठाए सवालसंस्था ने आरोप लगाया कि परियोजनाओं से जुड़े मामलों में नियामकीय व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकी, जिससे खरीदारों को लंबे समय से आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संस्था ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।खरीदारों ने मीडिया से मांगा सहयोगसंस्था ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि प्रभावित खरीदारों की आवाज को प्रमुखता से उठाया जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके और उनकी वर्षों की मेहनत की कमाई सुरक्षित हो सके।नोट: यह खबर WTC आवंटियों की कल्याणकारी संस्था द्वारा जारी प्रेस टिप्पणी और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों पर संबंधित बिल्डर या अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
