
Noida journalist Pramod Dixit NOIDA भारतीय जनता पार्टी Noida महानगर द्वारा SECTOR-27 स्थित क्लब में “संविधान हत्या दिवस” के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वर्ष 1975 के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को याद किया गया।कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ सांसद डॉ. महेश शर्मा, भाजपा पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल भी मौजूद रहे।अपने संबोधन में डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दौर था। उन्होंने कहा कि उस समय संविधान, न्यायपालिका, मीडिया और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार हुआ। उन्होंने कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का विवरण नहीं बल्कि भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी देता है। इसलिए आपातकाल की घटनाओं को याद रखना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों।उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं प्राचीन काल से चली आ रही हैं, जहां विभिन्न सभाओं और समूहों की राय को महत्व दिया जाता था। लोकतंत्र की इसी भावना को बनाए रखना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है।सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि आपातकाल केवल राजनीतिक विरोधियों को जेल भेजने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिक स्वतंत्रता पर बड़ा आघात था। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को प्रेरणादायक बताया।भाजपा पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपातकाल के इतिहास और उससे जुड़े तथ्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान आपातकाल के समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन लोगों के योगदान को याद किया गया जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना किया था।कार्यक्रम में भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला एवं युवा मोर्चा के सदस्य तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
