NOIDA JOURNALIST PRAMOD DIXIT
उत्तर प्रदेश को हस्तशिल्प, ओडीओपी और ISME क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल तेज होती नजर आ रही है। इसी क्रम में. India Exposition Mart Limited (IEML) के चेयरमैन और Export Promotion Council for Handicrafts (EPCH) के मुख्य मार्गदर्शक डॉ. राकेश कुमार ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी

से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात मंत्री पदभार ग्रहण करने के बाद हुई, जिसमें राज्य के एमएसएमई, हस्तशिल्प और निर्यात क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पारंपरिक शिल्प, कुटीर उद्योग और ODOP उत्पादों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यदि राज्य सरकार, उद्योग संगठनों और निर्यात संवर्धन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो, तो उत्तर प्रदेश वैश्विक व्यापार मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थान बना सकता है। उन्होंने IEML और EPCH द्वारा वर्षों से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में इन संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस दौरान UP INTERNATIONAL ट्रेड शो (UPITS) को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि यूपीआईटीएस का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा स्थित INDIA EXPO सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन संस्करणों ने उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच एक मजबूत पहचान दिलाई है। तीसरे संस्करण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, जिसमें देश-विदेश से लगभग पांच लाख लोगों की भागीदारी दर्ज की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि UP INTERNATIONAL TRADE शो आज उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, ओडीओपी उत्पादों और ISME इकाइयों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने वाला सबसे बड़ा व्यापार आयोजन बन चुका है। इससे प्रदेश के कारीगरों, छोटे उद्यमियों और निर्यातकों को नए बाजार और बेहतर अवसर मिल रहे हैं। ISME मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ISME, ODOP, हस्तशिल्प और निर्यात को राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार मान रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उद्योग जगत और निर्यात संवर्धन संस्थाओं के साथ मिलकर ISME क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बैठक में उत्तर प्रदेश को हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों, ISME नवाचार और निर्यातोन्मुख विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने को लेकर दोनों पक्षों ने मिलकर कार्य करने पर सहमति जताई। प्रदेश सरकार का मानना है कि ODOP योजना के माध्यम से लाखों कारीगरों और उद्यमियों को बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से जोड़कर रोजगार और निर्यात को नई गति मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह सरकार और उद्योग संगठनों के बीच तालमेल बना रहा, तो उत्तर प्रदेश देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ISME हस्तशिल्प क्षेत्र में बड़ी पहचान हासिल कर सकता है।
