
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा (गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश) सेक्टर-62 आईएमएस नोएडा में नए शैक्षणिक सत्र शुरुआत ओरिएंटेशन कार्यक्रम के साथ हुई बीबीए बीसीए, जनसंचार, बीए एलएलबी, बीकॉम एलएलबी और एलएलबी के दूसरे, तीसरे, चौथे एवं पांचवें वर्ष के विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान ने उन्हें शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में सिंगारी इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं आईएमएस के पूर्व छात्र डॉ. योगेन्द्र सिंह, अधिवक्ता मोनिका गोयल तथा स्कूल ऑफ आईटी के पूर्व छात्र राघव कश्यप ने बतौर मुख्य वक्ता छात्रों से अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर आईएमएस के सलाहकार प्रो. डॉ. जे.के. शर्मा, डीन सीआरसी एवं मैनेजमेंट प्रो. डॉ. वर्तिका चतुर्वेदी, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।सलाहकार प्रो. डॉ. जे.के. शर्मा ने कहा कि ओरिएंटेशन कार्यक्रम केवल नए सत्र की शुरुआत नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और व्यावसायिक दक्षता को निखारने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान और कौशल उपलब्ध कराना है।डीन सीआरसी एवं मैनेजमेंट प्रो. डॉ. वर्तिका चतुर्वेदी ने कहा कि आईएमएस नोएडा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग विशेषज्ञों और पूर्व छात्रों के साथ संवाद विद्यार्थियों को करियर के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण और आत्मविश्वास प्रदान करता है।मुख्य वक्ता डॉ. योगेन्द्र सिंह ने कहा कि बदलती तकनीक और बाजार के दौर में ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता, निरंतर सीखने की आदत और ग्राहक-केंद्रित सोच ही दीर्घकालिक सफलता का आधार हैं। वहीं अधिवक्ता मोनिका गोयल ने विधि के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, चुनौतियों और आवश्यक कौशलों पर विस्तार से चर्चा की।काइंडवेल सॉल्यूशंस के सीईओ एवं आईएमएस के पूर्व छात्र राघव कश्यप ने विद्यार्थियों को फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, पावर बीआई, माइक्रोसॉफ्ट फैब्रिक और आईबीएम प्लानिंग एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य की प्रतिस्पर्धा में आगे रहने के लिए तकनीकी कौशल लगातार विकसित करना आवश्यक है।कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से नए शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, नवाचार और व्यावसायिक दक्षता विकसित करने का आह्वान किया गया। संस्थान ने विश्वास जताया कि यह सत्र छात्रों के लिए नई उपलब्धियों और सीखने के अनेक अवसर लेकर आएगा।
