Noida journalist Pramod Dixit

Noida तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से sector-62 स्थित आईएमएस नोएडा में आयोजित समर स्कूल में छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के तीसरे दिन विद्यार्थियों ने जनरेटिव एआई, एथिकल हैकिंग, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और वेब डेवलपमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों की गहन जानकारी प्राप्त की।
संस्थान द्वारा आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें नई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग और उद्योग जगत की आवश्यकताओं से परिचित कराना है। समर स्कूल में भाग लेने वाले छात्रों ने विभिन्न तकनीकी गतिविधियों और प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लेकर अपनी रचनात्मकता और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया।
आईएमएस नोएडा की डीन (सीआरसी एवं मैनेजमेंट) डॉ. वर्तिका चतुर्वेदी ने बताया कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकें लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को इन तकनीकों की सही समझ और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जनरेटिव एआई सत्र के दौरान छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न अनुप्रयोगों, कंटेंट निर्माण, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तथा एआई के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। छात्रों ने यह भी जाना कि भविष्य में एआई आधारित तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में किस प्रकार परिवर्तन ला रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित एथिकल हैकिंग सत्र विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्रशिक्षण में साइबर सुरक्षा के मूल सिद्धांतों, नेटवर्क सुरक्षा, डिजिटल खतरों की पहचान और डेटा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि समर स्कूल के तीसरे दिन विद्यार्थियों को आईटी मॉड्यूल के अंतर्गत विभिन्न आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने सेंसर आधारित परियोजनाओं, स्मार्ट डिवाइसों तथा स्वचालित प्रणालियों के निर्माण की प्रक्रिया को समझा और रोबोटिक्स व इंटरनेट ऑफ थिंग्स से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किस प्रकार स्मार्ट तकनीकों का उपयोग दैनिक जीवन, उद्योगों और आधुनिक शहरों के विकास में किया जा रहा है। छात्रों ने विभिन्न उपकरणों और मॉड्यूल्स के माध्यम से तकनीकी अवधारणाओं को व्यवहारिक रूप से समझने का प्रयास किया।
वेब डेवलपमेंट सत्र के दौरान विद्यार्थियों को वेबसाइट डिजाइनिंग, फ्रंट-एंड डेवलपमेंट, यूजर इंटरफेस डिजाइन और आधुनिक वेब तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में छात्रों ने वेबसाइट निर्माण की मूलभूत प्रक्रियाओं को समझा और डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने से जुड़ी तकनीकों का अनुभव प्राप्त किया।
समर स्कूल में शामिल विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रोजेक्ट्स और गतिविधियों के माध्यम से अपनी तकनीकी समझ को मजबूत किया। प्रशिक्षकों ने छात्रों को उद्योग जगत में इन तकनीकों की बढ़ती मांग, रोजगार के अवसरों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
संस्थान के अनुसार, इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ उनकी समस्या समाधान क्षमता, नवाचार की सोच और तकनीकी कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समर स्कूल का उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना और उन्हें डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी सीख साझा की और कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें नई तकनीकों को समझने तथा करियर की नई संभावनाओं के बारे में जानने का अवसर मिला। आईएमएस नोएडा द्वारा आयोजित यह समर स्कूल छात्रों के लिए ज्ञान, नवाचार और तकनीकी विकास का महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।
