NOIDA JOURNALIST PRAMOD DIXIT

नई दिल्ली। शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए मॉडर्न पब्लिक स्कूल, शालीमार बाग की प्रधानाचार्या डॉ. अल्का कपूर को विश्व पर्यावरण दिवस समारोह में सम्मानित किया गया। मुंबई में भामला फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में उन्हें महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा सम्मान प्रदान किया गया।समारोह में उन व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और सतत विकास के प्रति कार्य कर रहे लोगों के प्रयासों को पहचान देना था।इस अवसर पर शासन, उद्योग, शिक्षा, सामाजिक सेवा, कला और मनोरंजन जगत की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। सभी ने पर्यावरणीय स्थिरता और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए अपने विचार साझा किए।डॉ. अल्का कपूर को शिक्षा के माध्यम से सतत विकास की अवधारणा को आगे बढ़ाने, पर्यावरणीय जागरूकता फैलाने, सामुदायिक विकास को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं को जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनाने के लिए किए गए निरंतर प्रयासों के लिए यह सम्मान दिया गया।सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. कपूर ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि सतत विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति किए जा रहे प्रयासों की यह मान्यता भविष्य में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देती है।उन्होंने भामला फाउंडेशन के संस्थापकों आसिफ भामला और सहर भामला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरणीय जागरूकता को जनआंदोलन का रूप देने और सकारात्मक परिवर्तन के लिए कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने की उनकी पहल सराहनीय है।डॉ. कपूर ने कहा कि ऐसे मंच समाज के विभिन्न वर्गों को पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब संस्थान, समुदाय और व्यक्ति किसी बड़े सामाजिक उद्देश्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो सकारात्मक परिवर्तन को वास्तविकता में बदला जा सकता है।यह सम्मान शिक्षा आधारित सतत विकास पहलों की प्रभावशीलता और समाज में उनकी बढ़ती प्रासंगिकता को भी रेखांकित करता है।
