August 18, 2026

Social Affairs

नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा मेदांता हॉस्पिटल में वर्ल्ड लिवर डे से पहले एक  जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें डॉक्टरों ने लोगों को लिवर को स्वस्थ रखने के लिए सही जीवनशैली  अपनाने पर जोर दिया। इस वर्ष की थीम “सॉलिड हैबिट्स, स्ट्रांग लिवर” के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में प्रिवेंटिव केयर, समय पर बीमारी की पहचान और लाइफस्टाइल सुधार को लेकर विस्तृत  जानकारी दी गई। कार्यक्रम में गैस्ट्रोसाइंस और जीआई सर्जरी से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हिस्सा लिया और लिवर से जुड़ी बीमारियों की “ साइलेंट” प्रकृति के बारे में लोगों को जागरूक किया। विशेषज्ञों ने बताया कि लिवर की कई बीमारियां शुरुआती  चरण में बिना लक्षण के बढ़ती रहती हैं, जिससे मरीज को देर से पता चलता है और इलाज जटिल हो जाता है। डॉक्टरों ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर 30 से 40 वर्ष आयु वर्ग में। इस स्थिति से बचने के लिए संतुलित आहार, नियमित  व्यायाम, वजन नियंत्रण और शराब के सेवन से दूरी बेहद  जरूरी है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि लिवर कैंसर का खतरा उन  लोगों में अधिक होता है, जिन्हें हेपेटाइटिस, फैटी लिवर या सिरोसिस जैसी पुरानी बीमारियां होती हैं। ऐसे में समय-समय पर स्क्रीनिंग और मेडिकल जांच बेहद जरूरी है, ताकि बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो सके और बेहतर  इलाज संभव हो। सत्र में यह भी बताया गया कि मोटापा, डायबिटीज,  असंतुलित खानपान और शारीरिक निष्क्रियता लिवर रोगों के प्रमुख कारण हैं। डॉक्टरों ने लोगों को फलों, सब्जियों और होल ग्रेन्स से  भरपूर आहार लेने तथा प्रोसेस्ड और हाई-फैट फूड से दूरी बनाने की सलाह दी।...