NOIDA JURNALIST PRAMOD DIXIT NOIDA महानगर कांग्रेस कमेटी द्वारा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री
पंडित जवाहर लाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि

NOIDA SECTOR -52 स्थित पार्टी कार्यालय श्रद्धांजलि सभा और गोष्ठी का आयोजन किया गया। Noida के इस कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नेहरू की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके योगदान को याद किया। इस दौरान नेताओं ने आधुनिक भारत के निर्माण में नेहरू की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। Noida कार्यक्रम पार्टी कार्यालय B-46 SECTOR -52 में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। गोष्ठी में वक्ताओं ने पंडित नेहरू की नीतियों, वैज्ञानिक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की। NOIDA महानगर अध्यक्ष मुकेश यादव ने कहा कि पंडित नेहरू को आधुनिक भारत का निर्माता कहा जाता है। उन्होंने देश में IIT, एम्स और योजना आयोग जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना कर भारत को वैज्ञानिक और औद्योगिक दिशा दी। उन्होंने कहा कि नेहरू की सोच ने देश को विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाया। स्टेट कॉर्डिनेटर सोशल मीडिया पवन शर्मा ने नेहरू के विचारों को याद करते हुए कहा कि देश की एकता और सभी लोगों को बराबरी का अवसर देने की सोच आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने नेहरू के उस विचार का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अलग-अलग धर्म, भाषा और प्रदेश होने के बावजूद देश के लोगों के बीच कोई दीवार नहीं होनी चाहिए। PCC सदस्य यतेंद्र शर्मा ने कहा कि पंडित नेहरू ने लोकतांत्रिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच और आर्थिक आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि ‘विविधता में एकता’ की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में नेहरू की अहम भूमिका रही। ब्लॉक अध्यक्ष राहुल पांडेय ने कहा कि नेहरू की दूरदर्शी सोच और संस्थाओं के निर्माण की प्रतिबद्धता ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। वहीं उर्मिला चौधरी ने कहा कि नेहरू के योगदान के बिना 21वीं सदी के भारत की कल्पना अधूरी है। गोष्ठी के बाद एक नया विवाद भी सामने आया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि महानगर अध्यक्ष मुकेश यादव एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जेवर में उस पीड़ित परिवार से मिलने जाने वाले थे, जिसके बच्चे की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। लेकिन कार्यक्रम के दौरान ही स्थानीय पुलिस ने पार्टी कार्यालय को घेर लिया और पदाधिकारियों को बाहर जाने से रोक दिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोकना गलत है और प्रशासन को विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय निष्पक्ष रवैया अपनाना चाहिए। कार्यक्रम में फिरे सिंह नागर, संजय तनेजा, एस एस सिसोदिया, डॉ सीमा, कैप्टन पीएस रावत, ओमवीर उपाध्याय, पंकज वाल्मीकि, सतीश, अरुण सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नेहरू की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि सभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया। अब इस मामले को लेकर स्थानीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
