नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित

आईएमएस नोएडा में कॉर्पोरेट कनेक्ट कार्यक्रम के अंतर्गत “ब्रांड प्रतिबद्धता: एक पेचीदा विषय” पर विशेष विशेषज्ञ सत्र का आयोजन किया गया। सेक्टर 62 स्थित संस्थान परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम विशेष रूप से एमबीए विद्यार्थियों के लिए रखा गया, जिसमें ब्रांड प्रबंधन के व्यावहारिक आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में जे. के. सीमेंट के पूर्व प्रेसिडेंट हरदीप सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन के लिए ब्रांड प्रॉमिस केवल एक मार्केटिंग स्लोगन नहीं, बल्कि ग्राहकों से किया गया दीर्घकालिक वचन होता है। यदि यह वादा गुणवत्ता, व्यवहार और सेवा में परिलक्षित नहीं होता, तो ब्रांड की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने विभिन्न कॉर्पोरेट उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि बदलते बाजार परिवेश, प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता अपेक्षाओं के बीच ब्रांड प्रॉमिस को बनाए रखना वास्तव में एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है।
संस्थान के प्रेसिडेंट राजीव कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के वैश्विक और प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक माहौल में ब्रांड प्रतिबद्धता केवल विपणन रणनीति नहीं, बल्कि संस्थागत संस्कृति और नैतिक मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी भी ब्रांड की वास्तविक शक्ति उसकी विश्वसनीयता, पारदर्शिता और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण में निहित होती है।
डीन प्रोफेसर नीलम सक्सेना ने कहा कि तीव्र प्रतिस्पर्धा और निरंतर बदलते व्यावसायिक परिवेश में ब्रांड प्रतिबद्धता जैसे समकालीन विषयों पर गंभीर चर्चा आवश्यक है। उनके अनुसार, ब्रांड केवल नाम या प्रतीक नहीं होता, बल्कि वह संस्था के मूल्यों और ग्राहकों से किए गए वादों का प्रतिबिंब होता है।
एमबीए प्रोग्राम कॉर्डिनेटर राहुल पाण्डेय ने बताया कि सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए ब्रांड पोजिशनिंग, कस्टमर ट्रस्ट और मार्केट डिफरेंशिएशन जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे और विचार साझा किए।
कार्यक्रम का उद्देश्य शैक्षणिक अध्ययन को उद्योग जगत के वास्तविक अनुभवों से जोड़ना तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करना रहा। संस्थान प्रबंधन का मानना है कि इस प्रकार के संवादात्मक सत्र विद्यार्थियों को भविष्य की कॉर्पोरेट चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होते हैं।