नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित

नोएडा भारतीय जनता पार्टी नोएडा महानगर द्वारा सेक्टर-116 स्थित जिला कार्यालय में जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष महेश चौहान ने किया। सम्मेलन के दौरान पूरा सभागार “महिलाओं के सम्मान में भाजपा मैदान में” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंजता रहा, जिससे माहौल पूरी तरह राजनीतिक ऊर्जा से भर गया। कार्यक्रम में प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष बिमला बॉथम और पूर्व महिला आयोग उपाध्यक्ष सुषमा सिंह भी मौजूद रहीं। इस दौरान अभियान संयोजक महेश अवाना, प्रज्ञा पाठक, कार्यक्रम संयोजक डिंपल आनंद तथा संचालन शारदा चतुर्वेदी द्वारा किया गया, जिसे उपस्थित महिलाओं ने सराहा। मुख्य अतिथि बबीता सिंह ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर नल योजना, मुफ्त बिजली कनेक्शन, गरीब कल्याण अन्न योजना, आंगनवाड़ी सेवाएं, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार किया है। उन्होंने कहा कि आज भारत की महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और लोकतंत्र में अपनी भूमिका को मजबूती से निभा रही हैं। बबीता सिंह ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण को लेकर भाजपा लंबे समय से प्रयासरत रही है और इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल महिलाओं को मुख्यधारा से दूर रखने की कोशिश करते रहे हैं। उनके अनुसार, आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष बिमला बॉथम ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार ने महिलाओं को केवल वादों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें वास्तविक अधिकार और सम्मान देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, रोजगार और सामाजिक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और सरकार की योजनाएं उनके सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन रही हैं। उन्होंने महिलाओं से समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। पूर्व महिला आयोग उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है और महिलाएं अब अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की एकता और प्रतिनिधित्व को लेकर सरकार स्पष्ट और प्रतिबद्ध है। जिला अध्यक्ष महेश चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है और महिलाओं के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के समापन पर महिलाओं ने जन आक्रोश मार्च निकाला और विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने महिला आरक्षण को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए जोरदार नारेबाजी की। बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने एकजुट होकर अपनी राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाया। इस सम्मेलन में सुचित्रा पाठक कक्कड़, पूनम सिंह, गिरिजा सिंह, मीनाक्षी चौहान, पुष्पा रावत, ज्योति श्रीवास्तव, दीपाली दीक्षित, राजश्री गुप्ता, रुचि चौहान, ऊषा थापा, सायमा चौधरी, आरती, रेनू बाला, अन्नू मल्होत्रा, ऊषा किशोर, सरिता सिंह, पूनम सिंह सोमवंशी, पल्लवी राय, नमिता चौबे, सतविंदर कौर, नेहा स्वेन, डॉली कोहली, मधु चौधरी, प्राची, सुनीता मिश्रा, मंजु शर्मा, माधुरी, रागिनी शर्मा, पुष्पा, शीतल शुक्ला, कल्याणी तिवारी, संतोष सिंह, स्वाति अग्रवाल, गीता, अल्पना तोमर, रेणु उपाध्याय, सरिता चंद, कविता त्यागी और सुरभि शर्मा सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। यह सम्मेलन न केवल महिलाओं की भागीदारी का उदाहरण बना, बल्कि आगामी राजनीतिक परिदृश्य में उनकी भूमिका को भी रेखांकित करता नजर आया।नोएडा में महिला सम्मेलन में गूंजा जन आक्रोश, महिलाओं ने दिखाया राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन
