Noida journalist Pramod Dixit

NOIDA विधानसभा क्षेत्र-61 की मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि उसके स्तर पर किए गए सत्यापन और जांच के दौरान मतदाता सूची में 11,596 संदिग्ध प्रविष्टियों की पहचान की गई है। इस संबंध में समाजवादी पार्टी नोएडा महानगर संगठन ने सेक्टर-33 स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में प्रेस वार्ता आयोजित कर निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।प्रेस वार्ता की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने की, जबकि संचालन मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव ने किया। डॉ. आश्रय गुप्ता ने आरोप लगाया कि विधानसभा क्षेत्र-61 की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में ऐसी प्रविष्टियां मिली हैं, जिनमें एक ही व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक वोटर आईडी दर्ज हैं।उन्होंने बताया कि पार्टी की प्रारंभिक जांच में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एक ही व्यक्ति के नाम, आयु, पिता के नाम और अन्य विवरण समान होने के बावजूद अलग-अलग बूथों पर पंजीकरण दर्ज पाया गया है। कुछ मामलों में एक ही बूथ पर भी एकाधिक प्रविष्टियों का दावा किया गया है। उनके अनुसार, जांच के दौरान ऐसे उदाहरण मिले हैं जहां एक व्यक्ति के नाम पर तीन से लेकर छह तक वोटर आईडी दर्ज हैं।डॉ. गुप्ता ने कहा कि यदि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ थी, तो इतनी बड़ी संख्या में कथित डुप्लीकेट प्रविष्टियां कैसे बनी रहीं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस संबंध में निर्वाचन आयोग को विस्तृत शिकायत भेजेगी और पूरे मामले पर लिखित स्पष्टीकरण मांगेगी।पार्टी ने निर्वाचन आयोग के समक्ष कई सवाल भी उठाए हैं। इनमें डुप्लीकेट प्रविष्टियों की जिम्मेदारी तय करने, संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई, एक व्यक्ति के नाम पर अनेक वोटर आईडी जारी होने की परिस्थितियों तथा पूरी मतदाता सूची के स्वतंत्र पुनः परीक्षण की मांग शामिल है।प्रेस वार्ता में मौजूद पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुनील चौधरी ने कहा कि पार्टी की जांच प्रक्रिया अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाताओं, हटाए गए मतदाताओं तथा अन्य संभावित अनियमितताओं से जुड़े मामलों को भी जनता और मीडिया के सामने रखा जाएगा।महासचिव विकास यादव और मीडिया प्रभारी गौरव कुमार यादव ने कहा कि यह मामला किसी राजनीतिक दल के हित से अधिक लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाता सूची की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।समाजवादी पार्टी ने कहा है कि सभी उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ निर्वाचन आयोग को विस्तृत शिकायत भेजी जाएगी। साथ ही जांच प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई की जानकारी समय-समय पर सार्वजनिक करने का भी आश्वासन दिया गया है।प्रेस वार्ता में डॉ. आश्रय गुप्ता, सुनील चौधरी, विकास यादव, बबलू चौहान, गौरव कुमार यादव, मनोज गोयल, बाबूलाल बंसल, संजय त्यागी, भीष्म यादव, रामवीर यादव, राघवेंद्र दुबे, रोहित यादव, नकुल चौहान, राणा मुखर्जी, उदय सिंह, रंजन कुमार, वीरपाल अवाना, लोकेश यादव, वेदपाल, हरपाल सिंह, शादाब खान, नीर अवाना, दानिश सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।नोट: उक्त आरोप समाजवादी पार्टी द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।
