
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा में आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। मेदांता नोएडा ने अपने क्लिनिकल सफर का पहला वर्ष पूरा करते हुए अस्पताल में उपलब्ध उपचार सुविधाओं और अब तक किए गए इलाज का ब्यौरा साझा किया है। अस्पताल के मुताबिक, संचालन शुरू होने के बाद अब तक 3 लाख से अधिक ओपीडी विजिट, 75 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज और 15 हजार से अधिक सर्जरी एवं अन्य प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं।550 बेड वाले मेदांता नोएडा में पहले ही वर्ष के दौरान 240 से अधिक रोबोटिक सर्जरी और 40 से ज्यादा वाल्व रिप्लेसमेंट प्रक्रियाएं की गई हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ये आंकड़े जटिल और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ हुई कम। मेदांता नोएडा का कहना है कि अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मरीजों को कई विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं अपने क्षेत्र के नजदीक मिल रही हैं। जटिल बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को दूसरे बड़े महानगरों का रुख करने की जरूरत कम करने में ऐसी सुविधाएं मददगार साबित हो सकती हैं।अस्पताल में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के साथ आधुनिक तकनीक और इंटरवेंशनल प्रक्रियाओं की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, इन तकनीकों का इस्तेमाल जटिल उपचारों में अधिक सटीकता के लिए किया जा रहा है और जरूरत के अनुसार कम चीरा लगाने वाली प्रक्रियाओं का विकल्प भी अपनाया जाता है। रोबोटिक सर्जरी ने बढ़ाई तकनीकी क्षमता। मेदांता नोएडा में अब तक 240 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। अस्पताल के अनुसार रोबोटिक तकनीक के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की दक्षता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से जटिल मामलों के उपचार को बेहतर तरीके से संचालित किया जा रहा है।वहीं, जटिल हृदय रोगों के उपचार में 40 से अधिक वाल्व रिप्लेसमेंट प्रक्रियाएं किए जाने की जानकारी दी गई है। अस्पताल का कहना है कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा टीम के संयोजन से जटिल उपचारों की सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है। डॉ. नरेश त्रेहान बोले- घर के करीब मिले विशेषज्ञ इलाज मेदांता के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि मेदांता नोएडा की शुरुआत केवल एक नए अस्पताल के तौर पर नहीं, बल्कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाने के उद्देश्य से की गई थी। पहले वर्ष के अनुभव ने विशेषज्ञ और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की जरूरत को स्पष्ट किया है।उन्होंने कहा कि मेदांता नोएडा में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम, आधुनिक तकनीक और विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के बीच समन्वय के जरिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों और विदेश से आने वाले मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।डॉ. त्रेहान ने नोएडा में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से नोएडा उच्च गुणवत्ता वाले विशेषज्ञ उपचार की तलाश करने वाले देश-विदेश के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। 30 हजार से ज्यादा हेल्थ स्क्रीनिंग। मेदांता नोएडा के अनुसार, अस्पताल में अब तक 30 हजार से अधिक हेल्थ स्क्रीनिंग भी की जा चुकी हैं। यानी अस्पताल की सेवाओं का दायरा केवल गंभीर बीमारियों और सर्जरी तक सीमित नहीं है, बल्कि सामान्य स्वास्थ्य जांच और बीमारी की शुरुआती पहचान से लेकर जटिल उपचार तक सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, आने वाले चरण में विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार करने, आधुनिक तकनीक को और मजबूत करने तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने पर ध्यान दिया जाएगा। नोएडा के मेडिकल हब बनने की बढ़ी संभावनाएं। मेदांता नोएडा के पहले वर्ष के आंकड़े इस बात की ओर संकेत करते हैं कि नोएडा में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बढ़ रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और एनसीआर के मरीजों के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की स्थानीय उपलब्धता उपचार की पहुंच को आसान बना सकती है।अस्पताल के अनुसार, यदि नोएडा में विशेषज्ञ अस्पतालों, जांच सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों और आधुनिक तकनीक का विस्तार इसी तरह जारी रहता है तो शहर क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है। मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के लिहाज से भी नोएडा के पास देश के साथ-साथ मध्य पूर्व, अफ्रीका और अन्य देशों से आने वाले मरीजों को आकर्षित करने की संभावनाएं मौजूद हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे विशेषज्ञ डॉक्टर। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेदांता नोएडा के विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे। इनमें डॉ. दीपक गोविल, डायरेक्टर, जीआई सर्जरी एवं जीआई ऑन्को सर्जरी; डॉ. विवेक टंडन, डायरेक्टर, जीआई सर्जरी एवं जीआई ऑन्को सर्जरी; डॉ. संजय गुप्ता, डायरेक्टर, ऑर्थोपेडिक्स; डॉ. संजय कुमार, डायरेक्टर, सीटीवीएस; डॉ. दुश्यंत नडार, डायरेक्टर एवं प्रमुख, यूरोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी; डॉ. मनोज सिंघल, डायरेक्टर एवं एचओडी, नेफ्रोलॉजी; डॉ. तरुण कुमार, एसोसिएट डायरेक्टर, रोबोटिक्स, एमआईएस एवं जनरल सर्जरी; डॉ. राहुल गुप्ता, एसोसिएट डायरेक्टर, किडनी एवं यूरोलॉजी इंस्टीट्यूट तथा डॉ. प्रिया बंसल, सीनियर कंसल्टेंट, गायनेकोलॉजी एवं गायनेको-ऑन्कोलॉजी शामिल रहीं। मेदांता नोएडा का पहला साल आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और जटिल उपचारों की बढ़ती मांग की तस्वीर पेश करता है। अस्पताल के मुताबिक, अब अगले चरण में विशेषज्ञ सेवाओं, तकनीक और उपचार सुविधाओं को और विस्तार देने पर फोकस रहेगा।
