
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित आईएमएस लॉ कॉलेज, नोएडा में मूट कोर्ट सोसायटी की ओर से ‘मूटिंग एक्सीलेंस: एडवोकेसी’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विधि विद्यार्थियों को मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं के साथ-साथ प्रभावी वकालत के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आर्यन गुप्ता ने विद्यार्थियों को कानूनी शोध, तर्क प्रस्तुत करने और न्यायालयीन शिष्टाचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।कार्यशाला के दौरान आर्यन गुप्ता ने विद्यार्थियों को मूट कोर्ट की तैयारी के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि किसी मूट समस्या को समझने के लिए तथ्यों के साथ-साथ उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों और न्यायिक निर्णयों का गहन अध्ययन जरूरी है। उन्होंने कानूनी शोध करने, लिखित तर्क तैयार करने और न्यायाधीशों के समक्ष मौखिक रूप से प्रभावी ढंग से अपनी दलील रखने की तकनीकों पर भी व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया।उन्होंने विद्यार्थियों को न्यायालयीन शिष्टाचार का पालन करने, सवालों का संयमपूर्वक जवाब देने और अपनी बात आत्मविश्वास के साथ रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं में भाग लेने की सलाह देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को कानून की पढ़ाई को व्यावहारिक रूप से समझने और अपनी वकालत संबंधी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलता है।आईएमएस लॉ कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजुम हसन ने कहा कि मूट कोर्ट विद्यार्थियों के लिए कानून के सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव में बदलने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में कानूनी शोध, तार्किक सोच, प्रभावी संचार और आत्मविश्वास जैसे आवश्यक कौशल विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।मूट कोर्ट सोसायटी के संयोजक व्यास कुमार यादव ने कहा कि मूट कोर्ट केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को भविष्य में एक सक्षम अधिवक्ता के रूप में तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को कानूनी शोध, लिखित एवं मौखिक तर्क तथा न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण की बारीकियां समझने का अवसर मिला।उन्होंने कहा कि मूट कोर्ट सोसायटी का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के साथ उनमें वकालत के प्रति रुचि और आत्मविश्वास विकसित करना है।कार्यशाला में विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और मुख्य वक्ता से मूट कोर्ट तथा वकालत से जुड़े विभिन्न सवाल पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
