NOIDA JURNALIST PRAMOD DIXIT NOIDA SEC.-93 Xpress व्यू अपार्टमेंट मे RWA

चुनाव रद्द, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों से बढ़ा विवाद व्यू अपार्टमेंट में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) चुनाव को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, वोटर लिस्ट में बदलाव संवैधानिक नियमों के उल्लंघन के आरोपों के बाद चुनाव रद्द कर दिया गया। इस फैसले के बाद। NOIDA सोसाइटी के निवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए, जिसे लेकर कई प्रत्याशियों और निवासियों ने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। आरोप है कि RWA की मूल मतदाता सूची में बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए 76 नामों में बदलाव किया गया। इतना ही नहीं, कुछ ऐसे लोगों के नाम भी जोड़े गए जिन्हें लेकर निवासियों ने पात्रता पर सवाल उठाए हैं। आरोप यह भी है कि कई किरायेदारों को नियमों के विपरीत मतदाता सूची में शामिल किया गया, जबकि RWA संविधान में स्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद हैं। इस पूरे विवाद के केंद्र में चुनाव अधिकारी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चुनाव में प्रत्याशी रहे राकेश पति त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी ने निष्पक्षता बरतने के बजाय दबाव में आकर काम किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने और अन्य निवासियों ने दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर जवाब मांगा तो कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। इसके बाद बढ़ते विरोध और विवाद के बीच चुनाव अधिकारी ने चुनाव रद्द करने की घोषणा कर दी। सोसाइटी के कई निवासियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे थे, लेकिन समय रहते किसी ने ध्यान नहीं दिया। चुनाव रद्द होने के बाद अब निवासियों के बीच अविश्वास का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि जिस तरह से नियमों की अनदेखी की गई, उससे पूरी चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। मामले में आर्थिक अनियमितताओं के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों से नामांकन शुल्क के रूप में राशि जमा कराई गई थी। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए आरडब्ल्यूए से करीब 75 हजार रुपये भी लिए गए। इसके बावजूद चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं कराया जा सका। निवासियों का कहना है कि जब इतनी बड़ी रकम ली गई थी तो चुनाव प्रक्रिया को संविधान और नियमों के अनुरूप कराना चुनाव अधिकारियों की जिम्मेदारी थी। विवाद बढ़ने के बाद प्रत्याशी राकेश पति त्रिपाठी ने पूरे मामले की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से की है। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई दस्तावेज और साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं, जिन्हें प्रशासन को सौंप दिया गया है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को ज्ञापन देकर मामले की विस्तृत जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। निवासियों का कहना है कि चुनाव रद्द होने से सोसाइटी की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो गई है। कई जरूरी फैसले लंबित पड़े हैं और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। लोगों ने मांग की है कि अगली चुनाव प्रक्रिया किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष समिति की निगरानी में कराई जाए ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद दोबारा न हों। सोसाइटी के वरिष्ठ निवासियों का मानना है कि आरडब्ल्यूए चुनाव केवल पद हासिल करने का माध्यम नहीं होना चाहिए, बल्कि यह पूरी सोसाइटी के विकास और पारदर्शी प्रशासन से जुड़ा विषय है। ऐसे में यदि चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठेंगे तो निवासियों का विश्वास कमजोर होगा और समाजिक माहौल भी प्रभावित होगा। फिलहाल निवासियों की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और भविष्य में पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
