
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा (गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश) नोएडा में प्रस्तावित कांग्रेस विरोध-प्रदर्शन से पहले पार्टी नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने का दावा करते हुए कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के स्टेट कोऑर्डिनेटर सतेन्द्र शर्मा और अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय सचिव लियाकत चौधरी ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है।सतेन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को उन्हें नयाबास स्थित कार्यालय पर पुलिस ने नजरबंद कर दिया। उनका कहना है कि केवल उन्हें ही नहीं, बल्कि प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम नागर और महानगर उपाध्यक्ष विक्रम चौधरी सहित कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी उनके घरों पर रोक दिया गया, ताकि वे प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के संवैधानिक अधिकार को प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए बाधित किया जा रहा है। उनका कहना है कि हाल के दिनों में भी विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन से पहले विपक्षी नेताओं को एहतियातन रोके जाने और नजरबंद किए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं।अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय सचिव लियाकत चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना किसी भी सरकार के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता के मुद्दे उठाने वाले नेताओं को घरों में ही रोक दिया जाएगा तो यह संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याएं उठाती रही है। उनका आरोप है कि सरकार आलोचना से बचने के लिए पुलिस प्रशासन का सहारा लेकर विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।नोट: यह समाचार कांग्रेस नेताओं द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
