NOIDA JOURNALIST PRAMOD DIXIT मथुरा। ब्रजभूमि में चल रही विश्व प्रसिद्ध चौरासी कोस परिक्रमा

के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सेवा के लिए द्वादश धाम पिथोरा द्वारा विशेष सेवा शिविरों का संचालन किया जा रहा है। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से धाम के सेवक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ दिन-रात सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। धार्मिक आस्था और सेवा भावना का अनूठा संगम प्रस्तुत करते हुए द्वादश धाम पिथोरा ने परिक्रमा मार्ग पर कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल, विभिन्न प्रकार के शरबत, चाय, नाश्ता और पौष्टिक महाप्रसाद की व्यवस्था की है। भीषण गर्मी और लंबी यात्रा के दौरान इन व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल रही है। धाम के सेवक चौबीसों घंटे सेवा शिविरों में मौजूद रहकर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सहायता कर रहे हैं। द्वादश धाम पिथोरा के सचिव अनिल पाल ने बताया कि यह सेवा कार्य केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा के माध्यम से मानवता और धर्म के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल होने वाले भक्त देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी आते हैं और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं निरंतर संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस विशाल सेवा अभियान को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष महेंद्र और महासचिव प्रवीण पांडेय का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। उनके नेतृत्व में सेवा कार्यों को व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा सोनू शुक्ला, आर.एन. श्रीवास्तव और सत्यनारायण गोयल का भी विशेष सहयोग मिल रहा है, जिनके प्रयासों से सेवा शिविरों का संचालन सुचारू रूप से जारी है। परिक्रमा मार्ग पर व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे शिव सेवक शिवकांत तिवारी (छोटू), सचिन, कमल और नितेश सहित अनेक स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए हैं। ये कार्यकर्ता जल वितरण, भोजन व्यवस्था, विश्राम स्थलों की देखरेख और अन्य आवश्यक सेवाओं को पूरी तत्परता के साथ संचालित कर रहे हैं। सेवा शिविर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने द्वादश धाम पिथोरा की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि परिक्रमा जैसे लंबे और कठिन मार्ग में इस प्रकार की सुविधाएं अत्यंत उपयोगी साबित हो रही हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि सेवा शिविरों में उपलब्ध शीतल जल, शरबत और महाप्रसाद से उन्हें यात्रा के दौरान नई ऊर्जा मिल रही है। ब्रज की पावन धरा पर सेवा और श्रद्धा की यह मिसाल लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार के सेवा कार्य धार्मिक आयोजनों की गरिमा को और बढ़ाते हैं तथा समाज में सेवा भाव को मजबूत करते हैं। सचिव अनिल पाल ने कहा कि द्वादश धाम पिथोरा का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को यह अनुभव कराना है कि ब्रजभूमि में आने वाला हर भक्त परिवार का सदस्य है। उन्होंने कहा कि जब तक चौरासी कोस परिक्रमा जारी रहेगी, तब तक सेवा शिविर भी पूरी क्षमता के साथ संचालित होते रहेंगे और किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। धार्मिक आस्था, सेवा भावना और सामाजिक सहयोग के इस अभियान ने चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया है। द्वादश धाम पिथोरा के सेवकों का यह समर्पण परिक्रमा मार्ग पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए राहत और प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।
