NOIDA JOURNALIST PRAMOD DIXIT

NOIDA विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के अवसर पर यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा ने एक ऐसे मरीज की सफलता की कहानी साझा की है, जिसने जटिल और दुर्लभ ब्रेन ट्यूमर से जंग जीतकर सामान्य जीवन में वापसी की है। अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अत्याधुनिक तकनीक और सटीक उपचार रणनीति के माध्यम से मरीज का सफल उपचार किया।अस्पताल के अनुसार 37 वर्षीय मरीज पिछले लगभग एक वर्ष से बार-बार चक्कर आने की समस्या से परेशान था। पिछले छह महीनों में उसकी याददाश्त कमजोर होने लगी थी और उसे बोलने में भी कठिनाई महसूस हो रही थी। हाल ही में उसे दौरे पड़ने लगे, जिसके दौरान जीभ कटने और बेहोश होने जैसी गंभीर स्थितियां भी सामने आईं। लगातार बढ़ते लक्षणों को देखते हुए मरीज ने यथार्थ हॉस्पिटल में संपर्क किया, जहां उसकी विस्तृत न्यूरोलॉजिकल जांच की गई।जांच में पता चला कि मरीज के मस्तिष्क में लेफ्ट मेडियल स्फेनॉइड विंग मेनिंजियोमा नामक दुर्लभ स्कल-बेस ब्रेन ट्यूमर विकसित हो गया था। यह ट्यूमर मस्तिष्क की महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं और संवेदनशील संरचनाओं के बेहद निकट स्थित था, जिससे इसका उपचार अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया था।विशेषज्ञों ने उन्नत इमेजिंग तकनीकों और सेरेब्रल डिजिटल सब्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) की मदद से ट्यूमर की संरचना और रक्त आपूर्ति का विस्तृत अध्ययन किया। जांच में सामने आया कि ट्यूमर अत्यधिक रक्तवाहिकीय था और मस्तिष्क की कई महत्वपूर्ण धमनियों से रक्त प्राप्त कर रहा था। ऐसी स्थिति में सामान्य उपचार प्रक्रिया अपनाने पर गंभीर जटिलताओं का खतरा था।मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यूरो-इंटरवेंशनल टीम ने सभी संभावित विकल्पों का गहन मूल्यांकन किया। मरीज की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेषज्ञों ने एम्बोलाइजेशन प्रक्रिया न अपनाने का निर्णय लिया और विशेष उपचार योजना तैयार की। इसके बाद उन्नत न्यूरोसर्जिकल तकनीकों का उपयोग करते हुए सफल सर्जरी की गई और ट्यूमर को पूरी तरह सुरक्षित रूप से निकाल दिया गया।सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। उसके चक्कर आने की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई, स्मरण शक्ति और संज्ञानात्मक क्षमताओं में सुधार हुआ तथा दौरे पड़ना भी बंद हो गया। वर्तमान में मरीज सामान्य जीवन जी रहा है और अपने दैनिक कार्यों को सफलतापूर्वक कर रहा है।यथार्थ हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं एचओडी, न्यूरोसर्जरी तथा ग्रुप डायरेक्टर, न्यूरोइंटरवेंशन डॉ. सुमित गोयल ने कहा कि ब्रेन ट्यूमर का निदान जीवन का अंत नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, याददाश्त कमजोर होना, दौरे पड़ना, संतुलन बिगड़ना या दृष्टि में बदलाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उपचार कई मामलों में जीवन बचाने वाला साबित हो सकता है।उन्होंने बताया कि यथार्थ हॉस्पिटल में कई दुर्लभ और जटिल ब्रेन ट्यूमर मामलों का सफल उपचार किया गया है। इनमें ओल्फैक्टरी ग्रूव मेनिंजियोमा से पीड़ित मरीज और पिट्यूटरी ट्यूमर व हाइड्रोसेफेलस से ग्रस्त वरिष्ठ मरीजों के जटिल मामलों का भी सफल प्रबंधन शामिल है।विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर अस्पताल ने लोगों को जागरूक रहने और शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने का संदेश दिया। अस्पताल का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, समय पर निदान और विशेषज्ञों की समन्वित टीम के सहयोग से आज जटिल से जटिल ब्रेन ट्यूमर का भी सफल उपचार संभव हो गया है।इस मरीज की सफल रिकवरी न केवल चिकित्सा विज्ञान की प्रगति का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सही समय पर सही उपचार मिलने पर गंभीर बीमारियों पर भी विजय प्राप्त की जा सकती है।
