नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में आयोजित बाराही मेला–2026 इस वर्ष सांस्कृतिक विविधता, साहित्यिक अभिव्यक्ति और लोक परंपराओं का भव्य संगम बनकर उभरा। शनिवार की शाम मेले का सबसे आकर्षक और भावपूर्ण पल साबित हुई, जब संगीत, काव्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में प्रख्यात गीतकार संतोष आनंद की मौजूदगी ने विशेष आकर्षण पैदा किया। उनके मशहूर गीत “एक प्यार का नगमा है…” की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। पंडाल में मौजूद लोग उनके साथ सुर मिलाते नजर आए और पूरा वातावरण भावनाओं से सराबोर हो गया। काव्य संध्या में कई कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। अक्षय शर्मा ने अपने दार्शनिक विचारों से जीवन के गहरे पहलुओं को छुआ, जबकि मुकेश शर्मा ने हास्य-व्यंग्य के जरिए लोगों को खूब हंसाया। दीपक सैनी ने मिमिक्री और काव्य का अनोखा मिश्रण पेश कर माहौल को हल्का और आनंदमय बना दिया। वैभव शर्मा, भगवत शर्मा और अमित शर्मा ने भी अपनी कविताओं से कार्यक्रम में ऊर्जा बनाए रखी। कवयित्री शिखा दीप्ति की ग़ज़लों ने श्रोताओं के दिलों को छुआ, वहीं भगवत प्रसाद शर्मा ने अपने ओजपूर्ण काव्य से शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर अन्नू पहलवान, मोनिका नागर, पूजा भाटी, अमित गुर्जर और मुस्कान की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। शिव मंदिर सेवा समिति द्वारा सभी अतिथियों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। मेले में पारंपरिक चौपाल भी आकर्षण का केंद्र रही, जहां ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिली। फूंस और बांस से तैयार इस चौपाल में खाट, हुक्का, बैलगाड़ी, प्राचीन कुआं और पीपल के पेड़ जैसी पारंपरिक चीजों ने लोगों को गांव की संस्कृति से रूबरू कराया। अब 13 अप्रैल को होने वाला इनामी कुश्ती दंगल मेले का ...
Month: April 2026
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा साइबर ठगी के एक बड़े मामले में पीड़ित 79 वर्षीय सेवानिवृत्त बुजुर्ग सुभाष चंद्र मल्होत्रा आज भी अपने ही पैसे के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। विदेश मंत्रालय नई दिल्ली से वर्ष 2006 में सेवानिवृत्त हुए मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से हस्तक्षेप की मांग करते हुए न्याय दिलाने की अपील की है। उनका कहना है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद उन्हें पूरी राशि अब तक प्राप्त नहीं हो सकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुभाष चंद्र मल्होत्रा के साथ वर्ष 2025 में साइबर अपराधियों द्वारा बड़ी धोखाधड़ी की गई थी। इस घटना में उनके बैंक खाते से कुल 2 करोड़ 39 लाख रुपये की ठगी कर ली गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अप्रैल-मई 2025 के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया था और बड़ी मात्रा में धनराशि बरामद करने का दावा किया गया था। मामले में 31 मई 2025 को माननीय न्यायालय द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया गया था, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि 6 लाख 70 हजार 243 रुपये की राशि पीड़ित के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस आदेश के लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी मल्होत्रा को मात्र 63 हजार रुपये ही प्राप्त हुए हैं, जबकि शेष राशि अब तक उनके खाते में नहीं पहुंची है। पीड़ित का आरोप है कि वह लगातार संबंधित साइबर थाने के अधिकारियों के संपर्क में हैं और न्यायालय के आदेश का पालन कराने के लिए गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी से लेकर उच्च अधिकारियों तक से उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि बरामद की गई करोड़ों की रकम अब भी विभिन्न बैंकों में पड़ी हुई है, लेकिन उसे पीड़ितों तक पहुंचाने की प्रक्रिया बेहद धीमी और लापरवाही भरी है। मल्होत्रा ने यह भी दावा किया कि उन्हें अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई थी कि इस साइबर ठगी से जुड़े आरोपियों से लगभग 14 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि बरामद की गई है। इसके बावजूद पीड़ितों को उनका पैसा लौटाने में देरी होना कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि यदि इतनी बड़ी राशि बरामद हो चुकी है, तो फिर न्यायालय के आदेश के अनुसार भुगतान में देरी क्यों हो रही है। इस पूरे मामले से परेशान होकर अब सुभाष चंद्र मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि संबंधित विभागों और बैंकों को तत्काल निर्देश दिए जाएं, ताकि न्यायालय के आदेश के अनुसार उनकी शेष राशि जल्द से जल्द उनके ...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उठ रही शिकायतों के बीच...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित ग्रेटर नोएडा में नारी सशक्तिकरण और सामाजिक चेतना को समर्पित एक प्रेरणादायक कार्यक्रम में कवि भगवत प्रसाद शर्मा के ओजस्वी काव्य ने पूरे सभागार को भावविभोर कर दिया। आईआईपीपीटी कॉलेज में आयोजित इस गरिमामय समारोह में नारी के सम्मान और उसकी शक्ति के विविध आयामों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। “आराध्या एक अहसास फाउंडेशन” के तत्वावधान में आयोजित “नारी एक शक्ति, नारी एक सम्मान–2026” कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नारी के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और उसे सशक्त बनाने की दिशा में जागरूकता फैलाना रहा। कार्यक्रम में नारी को सृष्टि की आधारशिला, सृजन की शक्ति और भारतीय संस्कृति में मातृ-तत्त्व के रूप में स्थापित करने पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे सुप्रसिद्ध कवि भगवत प्रसाद शर्मा ने अपने काव्य-पाठ से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी रचनाओं में नारी के त्याग, करुणा, शक्ति और सृजनशीलता का जीवंत चित्रण देखने को मिला। “मातृशक्ति की सामर्थ्य को नमन…” से आरंभ होकर उनकी कविता ने नारी के विभिन्न स्वरूपों को उजागर किया और अंत में “सृष्टि की जननी तुमको अभिनन्दन बारम्बार मेरा” पंक्ति के साथ पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। अपने संबोधन में भगवत प्रसाद शर्मा ने कहा कि शिक्षा, आत्मनिर्भरता और जागरूकता ही नारी सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ वे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। कार्यक्रम के समापन अवसर पर आईआईपीपीटी कॉलेज के चेयरमैन संजय सुदान और डायरेक्टर डॉ० जितेश खत्री ने भगवत प्रसाद शर्मा को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने उनके साहित्यिक योगदान और सामाजिक सरोकारों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास और किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर फैसले लिए गए। बैठक में आवासीय और औद्योगिक भूखंडों के उपयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय हुआ। प्राधिकरण ने तय किया है कि आवंटित आवासीय और औद्योगिक भूखंडों का मिश्रित उपयोग कुछ शर्तों के साथ किया जा सकेगा हालांकि, 5 प्रतिशत आबादी वाले भूखंडों पर पहले से लागू नियम ही जारी रहेंगे और इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को आसान बनाने की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी, जिनके आधार पर नई नीति तैयार की जाएगी। बैठक में उन किसानों के मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिन्होंने 2010 से 2023 के बीच 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के लिए पैसे जमा किए थे। प्राधिकरण ने इन मामलों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आगे की प्रक्रिया तय करने के निर्देश दिए हैं। न्यू नोएडा क्षेत्र में जमीन खरीद के लिए दरों को यमुना प्राधिकरण के बराबर करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है, जिससे जमीन अधिग्रहण में आसानी होगी। इसके अलावा, विधायक पंकज सिंह द्वारा उठाए गए किसानों के मुद्दों पर भी प्राधिकरण ने गंभीरता दिखाई है और कहा है कि इन समस्याओं का समाधान जल्द तैयार कर अगली बैठक में रखा जाएगा। कुल मिलाकर, इस बैठक में विकास के साथ-साथ किसानों की समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान दिया गया है।
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक दिनांक 6 अप्रैल 2026 को प्राधिकरण सभागार में सम्पन्न हुई, जिसमें विकास, वित्तीय प्रबंधन, रियल एस्टेट परियोजनाओं और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता स्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने की। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि एकजीत, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 10,200.70 करोड़ रुपये की प्राप्तियों और 10,004.58 करोड़ रुपये के भुगतान का लक्ष्य निर्धारित किया गया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9,008.26 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 6,580.35 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज की गई, जिससे प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति और योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। रियल एस्टेट क्षेत्र में लंबे समय से रुकी परियोजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय सामने आए। शासनादेश 21 दिसंबर 2023 के तहत चिन्हित 57 लिगेसी स्टाल्ड प्रोजेक्ट्स में से 16 मार्च 2026 तक 36 परियोजनाओं ने इस योजना का लाभ उठाया है, जो कुल परियोजनाओं का लगभग 60 प्रतिशत है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत 4,364 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं, जिससे हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। भवन विनियमावली-2016 में संशोधन की मांग को ध्यान में रखते हुए एक संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह समिति प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। नोएडा स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर “वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026” को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इस योजना के अंतर्गत आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक और आईटी/आईटीईएस भूखंडों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान का रास्ता खुलेगा। शासन से मार्गदर्शन मिलने के बाद इसे औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा। स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी भूखंड के पुनरीक्षित ले आउट प्लान को मंजूरी दी गई। साथ ही पूर्व में 2014 और 202वीं बोर्ड बैठक में लिए गए कुछ निर्णयों को निरस्त करते हुए नई व्यवस्था लागू करने का रास्ता साफ किया गया, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण द्वारा आवंटित संपत्तियों पर ...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित इंदौर में “भारतीय परिधान – हमारी पहचान, हमारी संस्कृति – हमारा सम्मान” विषय पर एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऋचा श्री सेवा संकल्प वेलफेयर सोसायटी द्वारा प्रज्ञान गुरुकुलम् के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश प्रमुखता से दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि उपस्थित रहे। उनके साथ विशेष अतिथि के रूप में धीरज पाहुजा तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों में राजकुमार अग्रवाल, डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव, दिलीप राजपाल और संगीता शर्मा शामिल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसके बाद सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन कर राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया। संस्था की अध्यक्ष ऋचा अग्रवाल और संस्थापक मनोज अग्रवाल ने अतिथियों का सम्मान कर स्वागत किया। अपने संबोधन में गुरुजी डॉ. गौतम ऋषि ने भारतीय परिधान को हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक बताते हुए इसे अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय वेशभूषा केवल पहनावा नहीं, बल्कि हमारी परंपरा और आत्मसम्मान का प्रतिबिंब है। उन्होंने पाश्चात्य प्रभाव पर चिंता जताते हुए भारतीयता को जीवनशैली में अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर “सनातन सेवा एप्प” का भी विमोचन किया ...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित भारतीय जनता पार्टी नोएडा महानगर में संगठनात्मक विस्तार के तहत पदाधिकारियों को नए...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक बार फिर किसानों का आक्रोश सामने आया है। गांव शाहपुर गोवर्धनपुर के किसानों ने भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी के नेतृत्व में सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। किसानों का आरोप है कि खसरा संख्या 505, 506, 507, 508 और 532 की भूमि पर स्थित उनकी पुश्तैनी आबादी को 8 अप्रैल 2026 को ध्वस्त करने की तैयारी की जा रही थी, जबकि वर्ष 2007 में प्राधिकरण द्वारा इस भूमि को आबादी मानते हुए छोड़ा जा चुका है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा न केवल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही थी, बल्कि किसानों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें भू-माफिया तक बताया जा रहा है, जिससे उनमें भारी रोष व्याप्त है। किसानों के विरोध के बाद नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल ने हस्तक्षेप करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को फिलहाल स्थगित करने के निर्देश दिए। साथ ही एक जांच टीम का गठन किया गया है, जो 9 और 10 अप्रैल 2026 को संबंधित खसरों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी। टीम में उमेश त्यागी, अंकित राजपूत (प्रबंधक, वर्क सर्कल-9), महेश कुमार (राजस्व निरीक्षक), सीमा यादव, प्रमोद रावत (लेखपाल), सुभाष चंद्र और हरेंद्र मलिक (अवर अभियंता) शामिल हैं। भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बैठक किसानों के हितों की अनदेखी कर केवल बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए आयोजित की गई थी। किसानों की समस्याओं को बैठक में स्थान नहीं दिया गया और उन्हें लगातार झूठे आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो जल्द ही बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं भी मौजूद ...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित गौतम बुद्ध नगर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी के चलते पैदा हो रहे संकट के बीच लघु उद्योग भारती (LUB) के पदाधिकारियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल लिया। संगठन की पहल से कर्मचारियों के सामने उत्पन्न हो रही गंभीर परेशानी दूर हुई और उद्योगों में कामकाज सामान्य बनाए रखने में मदद मिली। हाल के दिनों में गैस सिलेंडर की कमी के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी परेशान थे। कई कर्मचारियों के सामने भोजन तक की समस्या खड़ी हो रही थी और वे अपने गांव लौटने को मजबूर हो रहे थे। इससे उद्योगों की उत्पादन प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही थी और नुकसान की स्थिति बन रही थी। ऐसे समय में लघु उद्योग भारती ने सक्रियता दिखाते हुए विशेष शिविर का आयोजन किया और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के सहयोग से 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडरों की व्यवस्था कर कर्मचारियों तक पहुंचाई। इस कदम से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली और कामकाज में स्थिरता आई। जिला अध्यक्ष नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि संगठन का उद्देश्य उद्योगों और कर्मचारियों के बीच संतुलन बनाए रखना और हर संभव सहायता प्रदान करना है। वहीं, जिला महासचिव संजय बत्रा ने कहा कि आने वाले समय में भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी कर्मचारी को आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। शिविर के दौरान अंकुर जैन, विवेक, अमित जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे और व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया। लघु उद्योग भारती की इस पहल को उद्योग जगत में सराहना मिल रही है। संगठन द्वारा लगातार किए जा रहे सामाजिक और औद्योगिक कार्यों के चलते न केवल समस्याओं का समाधान हो रहा है, बल्कि उद्योगों के बीच एक सकारात्मक माहौल भी बन रहा है।
