
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित
Noida सेक्टर-110 में 11 से 21 अक्टूबर तक धार्मिक आयोजनों की धूम, वैदिक मंत्रोच्चार, दुर्गा पूजन और रामलीला के जरिए दिया जा रहा धर्म, संस्कार और सद्भाव का संदेशनोएडा। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर नोएडा के सेक्टर-110 स्थित महर्षि नगर में दुर्गा पूजा एवं विजयादशमी महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। मां दुर्गा की आराधना, वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और श्रीरामलीला के मंचन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है। 11 से 21 अक्टूबर तक आयोजित होने वाला यह महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और नैतिक मूल्यों का संदेश दे रहा है।वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमाओं की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठामहोत्सव के अंतर्गत मां दुर्गा, भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, माता सरस्वती, भगवान कार्तिकेय तथा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की प्रतिमाओं की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा वैदिक विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई गई। इस अवसर पर महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव उपस्थित रहे। पारंपरिक वैदिक विधि-विधान से संपन्न अनुष्ठानों ने आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।नवरात्र के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना कर रहे हैं। पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।सुबह दुर्गा पूजन, शाम को भजन-कीर्तन और रात में रामलीलादुर्गा पूजा, विजयादशमी एवं श्रीरामलीला के संयोजक रामेंद्र सचान ने बताया कि महर्षि नगर में 11 से 21 अक्टूबर तक प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह नौ बजे से दुर्गा पूजन एवं पाठ होगा। शाम सात बजे से पूजन, भजन-कीर्तन, प्रवचन और आरती का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद रात आठ बजे से श्रीरामलीला का मंचन होगा।उन्होंने बताया कि श्रीरामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। रामलीला भारतीय लोक संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा है, जो समाज को सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का मंचन भी शामिल है।यज्ञ और वेद पाठ से आध्यात्मिक चेतना का संदेशमहर्षि नगर में आयोजित महोत्सव में दुर्गा पूजन और श्रीरामलीला के साथ यज्ञ एवं वैदिक अनुष्ठानों को भी विशेष स्थान दिया गया है। महर्षि योगी के निर्देशन में आध्यात्मिक चेतना और शांति के प्रसार के उद्देश्य से धार्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। नियमित वेद पाठ और यज्ञ-अनुष्ठान के जरिए वैदिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।आयोजन का उद्देश्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ समाज में आपसी सद्भाव, सांस्कृतिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना भी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से परिचित कराने और परिवारों तथा समाज के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।शुभारंभ अवसर पर अनेक गणमान्य लोग रहे मौजूददुर्गा पूजा एवं श्रीरामलीला के शुभारंभ अवसर पर विनोद श्रीवास्तव, विनीत श्रीवास्तव, शिशिर श्रीवास्तव, विनोद दीक्षित, एस.पी. गर्ग, मनोज श्रीवास्तव, एल.एस. सोम, लल्लन पाठक, दयाशंकर गुप्ता, अरुण चौबे, श्रीकांत ओझा, नरेश श्रीवास्तव, राजेंद्र शुक्ला और नरेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।महर्षि नगर में 21 अक्टूबर तक चलने वाला यह महोत्सव दुर्गा पूजन, भजन-कीर्तन, वैदिक अनुष्ठानों और श्रीरामलीला के जरिए श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ता रहेगा। मां दुर्गा की आराधना और भगवान श्रीराम के आदर्शों के संग यह आयोजन आस्था, संस्कार और सामाजिक सद्भाव का संदेश दे रहा है।
