
NOIDA JOURNALIST PRAMOD DIXIT NOIDA करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत होने और पहली किस्त जारी होने के बावजूद NOIDA के यमुना मार्जिनल बांध (यमुना तट बांध) की चार लेन सड़क की बदहाली दूर नहीं हो सकी है। सड़क के दोनों ओर कंटीली झाड़ियां, बीच में फैली वनस्पति, जगह-जगह कूड़े के ढेर और टूटी सड़कें स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। इस मुद्दे को लेकर ग्राम विकास संगठन ने NOIDA AUTHORITY के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मिलकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।ग्राम विकास संगठन NOIDA के संयोजक D.P CHAUHAN के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने SECTOR-96 स्थित NOIDA AUTHORITY के प्रशासनिक भवन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने SECTOR-94 स्थित रायपुर गांव से लेकर SECTOR -135 के नंगली वाजिदपुर तक यमुना तट बांध की चार लेन सड़क की मरम्मत, सड़क के दोनों किनारों और मध्य भाग में उगी कंटीली झाड़ियों की कटाई-छंटाई तथा जगह-जगह फैले कूड़े की सफाई कराने की मांग की।ग्राम विकास संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि वर्ष 2014 में इस सड़क का निर्माण NOIDA प्राधिकरण के वित्तीय सहयोग से कराया गया था। सिंचाई विभाग और नोएडा प्राधिकरण के बीच हुए समझौते (MOU) के अनुसार सड़क के अनुरक्षण और मरम्मत की जिम्मेदारी तय की गई थी। इसी क्रम में नोएडा प्राधिकरण ने सड़क की मरम्मत और सफाई के लिए 34.18 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया तथा पहली किस्त के रूप में 11 करोड़ रुपये सिंचाई विभाग को जारी भी कर दिए।उन्होंने आरोप लगाया कि धनराशि जारी होने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। रायपुर से नंगली वाजिदपुर तक करीब 11.5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर बड़ी-बड़ी कंटीली झाड़ियां उग आई हैं, कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और सड़क भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।प्रतिनिधिमंडल की शिकायत पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने जीएम सिविल अशोक कुमार अरोड़ा को सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क की सफाई और मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए।अशोक चौहान ने बताया कि इस समस्या को लेकर वह वर्ष 2021 से लगातार संबंधित विभागों और मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। वर्ष 2023, 2024 और 2025 में भी अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक न तो सड़क की समुचित सफाई हुई और न ही मरम्मत का कार्य शुरू किया गया।उन्होंने कहा कि यह मार्ग नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता बन सकता है। यदि सड़क की मरम्मत और नियमित सफाई कराई जाए तो रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर, गढ़ी शाहपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, नंगली नंगला, नंगली शाखपुर, नंगली वाजिदपुर, छपरौली, दोस्तपुर मंगरौली सहित सेक्टर-126 से सेक्टर-135 और सेक्टर-168 के हजारों लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिल सकती है। साथ ही वाहनों का दबाव कम होने से प्रदूषण में भी कमी आएगी।ग्राम विकास संगठन ने मांग की है कि यमुना तट बांध सड़क के अनुरक्षण के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए और सेक्टर-94 से सेक्टर-135 तक पूरे मार्ग की सफाई, झाड़ियों की कटाई तथा सड़क की मरम्मत का कार्य बिना किसी देरी के शुरू कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
