NOIDA JOURNALIST PRAMOD DIXIT NOIDA समाज के कमजोर और विशेष जरूरतों वाले वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करना न केवल उनके प्रयासों की सराहना है, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करने का माध्यम बनता है। इसी कड़ी में वर्धना फाउंडेशन के छठे वार्षिकोत्सव समारोह

में प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट एवं एर्गोनोमिस्ट डॉ. महिपाल सिंह को दिव्यांग क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। Noida sector-70 स्थित फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. महिपाल सिंह पिछले 17 वर्षों से सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों के पुनर्वास और उनके सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उनके प्रयासों का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को बेहतर उपचार, प्रशिक्षण और सहयोग प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। डॉ. महिपाल सिंह द्वारा किए जा रहे कार्यों से न केवल बच्चों कोदिव्यांग बच्चों के पुनर्वास में योगदान के लिए डॉ. महिपाल सिंह सम्मानित लाभ मिल रहा है, बल्कि उनके परिवारों को भी नई उम्मीद और आत्मविश्वास प्राप्त हो रहा है। दिव्यांग बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता और समर्पण को देखते हुए वर्धना फाउंडेशन ने उन्हें इस विशेष सम्मान से नवाजा। समारोह के दौरान वर्धना फाउंडेशन की संस्थापिका वंदना सोनी ने कहा कि समाज में ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो सेवा को अपना मिशन बनाकर कार्य करें। उन्होंने डॉ. महिपाल सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्य दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों के लिए प्रेरणादायक है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मोहम्मद दानिश तथा रूपिंदर रोमी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने डॉ. महिपाल सिंह को सम्मानित किए जाने पर शुभकामनाएं देते हुए उनके सामाजिक और मानवीय कार्यों की प्रशंसा की। वर्धना फाउंडेशन का यह वार्षिकोत्सव सामाजिक सरोकारों और सेवा कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। समारोह में समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। डॉ. महिपाल सिंह ने सम्मान प्राप्त करने के बाद कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी बच्चों, अभिभावकों और सहयोगियों का है जो वर्षों से इस मिशन का हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने भविष्य में भी दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने दिव्यांग बच्चों के लिए जागरूकता बढ़ाने, बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें समाज में समान अवसर दिलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। समारोह का समापन सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।
