NOIDA JURNALIST PRAMOD DIXIT

Noida में पड़ रही भीषण गर्मी और नवतपा के प्रचंड ताप के बीच फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन के दिव्यांग बच्चों ने मानवता और सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया। निर्जला एकादशी के अवसर पर फाउंडेशन की ओर से राहगीरों, मजदूरों और रिक्शा चालकों को ठंडा जूस और मीठा शरबत वितरित किया गया। इस सामाजिक पहल ने जहां लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाई, वहीं समाज को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश भी दिया। फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन लंबे समय से दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए रविवार को संस्था के बच्चों ने खुद अपने हाथों से टैंग, रूह अफ़ज़ा और अन्य ठंडे पेय तैयार किए और सड़क किनारे काम कर रहे श्रमिकों, निर्माण स्थलों पर मजदूरी कर रहे कामगारों तथा राह चलते लोगों को वितरित किए। नवतपा के दौरान तापमान लगातार बढ़ रहा है और लोगों को लू व हीट वेव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में बच्चों की यह पहल लोगों के लिए राहत बनकर सामने आई। गर्मी से परेशान राहगीरों ने जब ठंडा शरबत और जूस प्राप्त किया तो उनके चेहरे खिल उठे। कई लोगों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे कार्य दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन के निदेशक एवं फिजियोथेरेपिस्ट और एर्गोनोमिस्ट डॉ. महिपाल सिंह ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे समाज के लिए आगे बढ़कर काम करते हैं तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज भी उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखता है। फाउंडेशन की प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में जरूरतमंद लोगों तक ठंडे पेय और पानी पहुंचाना सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने बताया कि संस्था आगे भी ऐसे जनहित कार्यों को जारी रखेगी ताकि बच्चों में सामाजिक सहभागिता की भावना मजबूत हो सके। विंसम स्टेप्स की प्रबंध निदेशक पूनम मिश्रा ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों को संवेदनशील बनाती हैं और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को मजबूत करती हैं। वहीं फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं और बच्चे इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। सेंटर मैनेजर सुरभि जैन ने बताया कि निर्जला एकादशी पर जल वितरण का धार्मिक महत्व तो है ही, साथ ही इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। उन्होंने कहा कि नवतपा के दिनों में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है और लोगों को हीट वेव से बचाव के लिए लगातार पानी और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इस दौरान एडमिन हेड कृष्णा यादव, स्पेशल एजुकेटर एलिका रावत और फिजियोथेरेपिस्ट अभिनव प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। सभी ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और सेवा कार्य में सहयोग दिया। फर्स्ट रिहैब फाउंडेशन की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि दिव्यांग बच्चे किसी से कम नहीं हैं। समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सेवा भावना ने लोगों का दिल जीत लिया। संस्था के इस प्रयास से अन्य सामाजिक संगठनों और लोगों को भी आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करने की प्रेरणा मिल रही है।
