
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित
नोएडा के सेक्टर-62 स्थित इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो सेंटर में आयोजित आयुष प्रदर्शनी में देश-विदेश की कंपनियों ने अपने उत्पादों और स्वास्थ्य से जुड़ी पहल को प्रदर्शित किया। इसी क्रम में ब्रिटेन की कंपनी PAANI ने कॉपर की बोतलों और कॉपर से जुड़े उत्पादों का विशेष स्टॉल लगाया, जहां लोगों ने कॉपर के पारंपरिक इस्तेमाल और आधुनिक उत्पादों के बारे में जानकारी ली।प्रदर्शनी के दौरान PAANI कंपनी से जुड़े यश विश्वकर्मा से कॉपर की बोतल में पानी रखने और इसके इस्तेमाल को लेकर बातचीत हुई। यश विश्वकर्मा ने बताया कि भारतीय परंपरा में कॉपर के बर्तनों का इस्तेमाल लंबे समय से होता रहा है। उन्होंने कॉपर की बोतलों की विशेषताओं, उनके उपयोग और कंपनी की उत्पाद श्रृंखला से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की।उन्होंने बताया कि कॉपर को लेकर आधुनिक वैज्ञानिक स्तर पर भी शोध हुए हैं। कुछ अध्ययनों में कॉपर के एंटीमाइक्रोबियल गुणों का उल्लेख किया गया है। हालांकि कॉपर के पानी से जुड़े अलग-अलग स्वास्थ्य दावों को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर ही समझना जरूरी है।भारतीय परंपरा को आधुनिक रूप देने की कोशिशPAANI के फाउंडर मिलन गोसाई की सोच और कंपनी की पहल का उद्देश्य कॉपर के पारंपरिक इस्तेमाल को आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप उत्पादों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना है। कंपनी कॉपर की बोतलों को आधुनिक डिजाइन के साथ पेश करती है और भारतीय परंपरा से जुड़े इस धातु के इस्तेमाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है।आयुष प्रदर्शनी में PAANI के स्टॉल पर कॉपर की बोतलों को लेकर लोगों में उत्सुकता देखने को मिली। इस दौरान कॉपर के पारंपरिक उपयोग, आधुनिक उत्पादों और इससे जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा का दौर भी चला।
नोएडा से संवाददाता प्रमोद दीक्षित की खास रिपोर्ट।
