
नोएडा संवाददाता: प्रमोद दीक्षित
नोएडा, सेक्टर–110
108 कुण्डीय भारत उत्कर्ष महायज्ञ में मंगलवार का दिन सांस्कृतिक रंगों और आध्यात्मिक उमंग से भर गया। रामलीला मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में देशभर से आए कलाकारों की झांकियों और लोकनृत्यों ने ऐसा मनमोहक वातावरण बनाया कि पंडाल में मौजूद हजारों दर्शक क्षणभर को थम से गए।
मंच पर राजस्थान का घूमर, पंजाब का भंगड़ा, असम का बिहू, महाराष्ट्र की लावणी, उत्तर प्रदेश की अवधी लोक-प्रस्तुति और दक्षिण भारत का भरतनाट्यम—सभी ने अपनी पारंपरिक गरिमा, वेशभूषा और लयबद्धता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियाँ और रंग-बिरंगी प्रस्तुतियाँ “विविधता में एकता” की सजीव अनुभूति कराती रहीं।
शाम को राघवाचार्य महाराज की रामकथा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष भक्ति भाव देखने को मिला। कथा पंडाल में शांत माहौल और भक्ति संगीत की गूँज ने वातावरण को आध्यात्मिकता से भर दिया।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि भारत उत्कर्ष महायज्ञ केवल आध्यात्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रसार का एक सशक्त मंच बनकर उभरा है। 25 नवंबर तक प्रतिदिन देश के विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ महायज्ञ में देंगे।
अजय प्रकाश श्रीवास्तव, अध्यक्ष—महर्षि महेश योगी संस्थान ने कहा कि इस महायज्ञ का उद्देश्य आध्यात्मिक शांति के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस अनोखे सांस्कृतिक–आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होकर राष्ट्रहित की इस भावना को और मजबूती दें।
