
नोएडा। सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क में इस बार की दिवाली सिर्फ रोशनी का नहीं, बल्कि एकता और सांस्कृतिक उत्सव का संदेश देने वाला पर्व बन गई। शनिवार शाम पूरे परिसर में दीपों की जगमगाहट और खुशियों की गूंज ने ऐसा नज़ारा रचा, मानो पूरा समाज एक परिवार बन गया हो।
मेले का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मंगल ध्वनि के साथ किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और भारतीय परंपराओं को जीवित रखने का एक संकल्प है।
🪔 उत्सव की झलकियाँ:
मेले में बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने जमकर आनंद लिया।
ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते लोग, पारंपरिक डांस और लोकगीतों की धुन पर थिरकते परिवारों ने वातावरण को जीवंत बना दिया।
रंगीन शॉपिंग स्टॉल्स, स्वादिष्ट फूड ज़ोन, बच्चों के लिए गेम एरिया और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने हर कोने को उत्सव से भर दिया।
पत्रकार प्रमोद दीक्षित के अनुसार, टाटा यूरेका पार्क में इस बार का दिवाली मेला न केवल मनोरंजन का मंच था, बल्कि सामाजिक एकजुटता का प्रतीक भी। लोगों ने कहा — “ऐसे आयोजन समाज में अपनापन और भाईचारे की भावना को नई ऊँचाई देते हैं।”
🎨 प्रतियोगिताओं में छाई रचनात्मकता:
रंगोली और दीया सजावट प्रतियोगिता ने मेले में चार चाँद लगा दिए। प्रतिभागियों ने अपनी कला और परंपरा के रंगों से ऐसी रचनाएँ बनाईं कि देखने वाले मंत्रमुग्ध रह गए।
निवासियों ने अपने घरों की सजावट और रोशनी से पूरे परिसर को जगमग कर दिया।
🎆 आतिशबाज़ी से रोशन हुआ आसमान:
रात के अंत में हुई भव्य आतिशबाज़ी और सामूहिक दीप प्रज्वलन ने माहौल को आलोकित कर दिया।
पत्रकार प्रमोद दीक्षित ने बताया कि दीपों की कतारें समाज की एकता और उज्जवल भविष्य का प्रतीक बन गईं।
निवासियों ने कहा कि टाटा यूरेका पार्क ने यह दिखा दिया कि “जब समाज संगठित होता है, तो उत्सव सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि संस्कारों की लौ बन जाता है।”
🙏 समिति का संकल्प:
समिति के सदस्यों ने कहा कि यह आयोजन हर वर्ष और बड़े स्तर पर किया जाएगा ताकि समाज में संस्कृति, भाईचारे और देशभक्ति की भावना को और मजबूती मिले।
उन्होंने कहा —
“हम चाहते हैं कि हर दीपक सिर्फ घरों में नहीं, बल्कि दिलों में भी रोशनी फैलाए। यही सच्ची दिवाली है।”