
मुंबई। हाल ही में यामी गौतम और इमरान हाशमी की फिल्म हक रिलीज़ हुई, जो तीन तलाक जैसे संवेदनशील सामाजिक मुद्दे पर आधारित कोर्टरूम ड्रामा है। फिल्म में एक महिला की न्याय की लड़ाई को दिखाया गया है, जो तलाक के बाद अपने अधिकारों के लिए कानूनी रास्ता अपनाती है। विषय गंभीर और सामाजिक सरोकार से जुड़ा होने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी।
आलोचकों ने फिल्म की कहानी, अभिनय और संदेश की सराहना की है, लेकिन दर्शकों की भीड़ सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाई। माना जा रहा है कि तीन तलाक कानून में पहले ही बदलाव हो चुका है, ऐसे में यह विषय दर्शकों को नया या रोमांचक नहीं लगा।
फिल्म हक की रिलीज़ के बाद एक बार फिर 1982 में आई सुपरहिट फिल्म निकाह की चर्चा होने लगी है। उस दौर में निकाह ने तीन तलाक जैसे सामाजिक मुद्दे को मजबूती से उठाया था और दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी थी। सलमा आगा अभिनीत इस फिल्म की कहानी, संगीत और संवादों ने इसे ब्लॉकबस्टर बना दिया था।
जहां निकाह ने अपने समय में सामाजिक संदेश के साथ मनोरंजन का संतुलन साधा था, वहीं हक का फोकस कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक चेतना पर अधिक रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते समय और दर्शकों की रुचि के कारण ही दोनों फिल्मों के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन में इतना अंतर देखने को मि