
कैटल और प्लांट जीनोमिक्स के क्षेत्र में भारत को मिलेगी नई दिशा, किसानों और कृषि अनुसंधान को होगा सीधा लाभ
नोएडा से संवाददाता : प्रमोद दीक्षित
ग्रेटर नोएडा। भारत ने कृषि और जीनोमिक्स रिसर्च के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-2 में लीड्स कनेक्ट की सहायक कंपनी लीड्स एग्री जेनेटिक्स ने देश का पहला निजी इंटीग्रेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर कैटल एंड प्लांट जीनोमिक्स शुरू किया है। इस अत्याधुनिक लैब का उद्घाटन बीएल एग्रो ग्रुप के चेयरमैन श्री घनश्याम खंडेलवाल ने किया।
यह पहल न केवल भारत को वैश्विक एग्री-जीनोमिक्स रिसर्च में आगे ले जाएगी, बल्कि किसानों की पैदावार और कृषि से जुड़े इनोवेशन में भी मील का पत्थर साबित होगी। सेंटर में एक फुल-स्टैक जीनोमिक्स सर्विस सेंटर तैयार किया गया है, जो खास तौर पर एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी और कृषि अनुसंधान के लिए डिज़ाइन किया गया है।
किसानों और समाज के लिए बड़ा कदम
श्री घनश्याम खंडेलवाल ने कार्यक्रम में कहा कि जीनोमिक्स रिसर्च से कृषि उपज और क्वालिटी में सुधार आएगा, जिससे किसानों के साथ-साथ पूरे समाज को फायदा होगा। उन्होंने किसानों के हित में सरकार की पहलों को भी सराहा और कहा कि इस तरह की वैज्ञानिक प्रगति से भारत आत्मनिर्भर कृषि की ओर तेजी से बढ़ेगा।
“भारतीय कृषि एक निर्णायक मोड़ पर”
लीड्स कनेक्ट सर्विसेज के ग्रुप चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर नवनीत रविकर ने कहा,
“जलवायु परिवर्तन और बढ़ती आबादी के दबाव के बीच भारतीय कृषि एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। हमारी नई जीनोमिक्स लैब आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसका मकसद किसानों, वैज्ञानिकों और ब्रीडर्स को तेज़ी से इनोवेट करने और एक सस्टेनेबल भविष्य बनाने के लिए सशक्त करना है।”
अनुभवी वैज्ञानिकों की अगुवाई
सेंटर के मुख्य कारोबारी अधिकारी (CBO) डॉ. आशीष दुबे हैं, जिन्हें जीनोमिक्स और डायग्नोस्टिक्स क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। वे पहले रेडक्लिफ लैब्स के सह-संस्थापक भी रह चुके हैं। डॉ. दुबे ने कहा,
“जीनोमिक्स ने विज्ञान को नई दिशा दी है। हमारा ध्यान एंड-टू-एंड जीनोमिक्स सॉल्यूशन पर है, जो सीधे तौर पर उत्पादकता, टिकाऊपन और फूड सिक्योरिटी को प्रभावित करेगा।”
लैब में विश्वस्तरीय तकनीक
यह लैब देश में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिसमें अत्याधुनिक उपकरण मौजूद हैं।
इल्युमिना आई-स्कैन हाई-थ्रूपुट जीनोटाइपिंग के लिए
नोवासेक डीप री-सीक्वेंसिंग के लिए
पैकबायो और ऑक्सफोर्ड नैनोपोर लंबी रीड असेंबली और स्ट्रक्चरल एनालिसिस के लिए
10X क्रोमियम सिंगल-सेल और लिंक्ड-रीड एसेज के लिए
इन टेक्नोलॉजीज की मदद से कैटल और फसलों में जेनेटिक विविधता की रिसर्च, नई विशेषताओं की खोज और फसल सुधार की प्रक्रिया तेज़ होगी।
क्यों खास है यह पहल?
भारत का पहला निजी इंटीग्रेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
कैटल और प्लांट जीनोमिक्स दोनों पर फोकस
किसानों की पैदावार और क्वालिटी सुधार में मदद
वैश्विक रिसर्च मानकों को पूरा करने वाली सुविधा
लीड्स एग्री जेनेटिक्स के बारे में
लीड्स एग्री जेनेटिक्स, बीएल एग्रो समूह की इकाई है, जो जेनेटिक इनोवेशन के ज़रिए कृषि को नई दिशा देने का काम कर रही है। कंपनी उन्नत डीएनए सीक्वेंसिंग और जीनोमिक सिलेक्शन तकनीकों के माध्यम से पैदावार बढ़ाने, क्वालिटी सुधारने और जलवायु बदलाव के प्रति कृषि को अधिक सक्षम बनाने पर काम कर रही है।
लीड्स कनेक्ट सर्विसेज के बारे में
लीड्स कनेक्ट सर्विसेज एक प्रमुख एग्री-टेक और डेटा-ड्रिवन कंपनी है। यह किसानों और एग्री-स्टेकहोल्डर्स को फसल निगरानी, जोखिम आकलन, फसल हानि विश्लेषण और यील्ड मॉडलिंग जैसी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी ने किसानों के लिए एग्री-क्रेडिट स्कोर जैसी इनोवेटिव पहल भी शुरू की है, जिससे उनकी औपचारिक क्रेडिट तक पहुंच आसान हुई है।
