नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित

नोएडा। भारत की प्रतिष्ठित फ्रेंचाइज़ी आधारित कुश्ती प्रतियोगिता प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) के सीजन-5 का आगाज़ नोएडा में हो चुका है। इस बहुप्रतीक्षित खेल आयोजन को लेकर शनिवार को नोएडा मीडिया क्लब में एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई, जिसमें लीग से जुड़े आयोजकों और खेल जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतियोगिता की रूपरेखा, विशेषताएं और उद्देश्य साझा किए।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए लीग की आयोजक एवं नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने बताया कि प्रो रेसलिंग लीग 2026 का आयोजन 15 जनवरी से 1 फरवरी तक नोएडा स्टेडियम में किया जा रहा है, जबकि इसका फाइनल मुकाबला 1 फरवरी को खेला जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लीग भारतीय कुश्ती संघ द्वारा मान्यता प्राप्त है और इस बार अपने अब तक के सबसे बड़े और अंतरराष्ट्रीय संस्करण के साथ दर्शकों के सामने आई है।
आयोजकों के अनुसार, भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह के नेतृत्व में प्रो रेसलिंग लीग ने भारतीय कुश्ती के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। यह लीग इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि पहली बार इसमें जापान के विश्वस्तरीय पहलवान भी भाग ले रहे हैं, जिससे प्रतियोगिता को वास्तविक वैश्विक पहचान मिली है।
इस वर्ष की प्रो रेसलिंग लीग में कुल 17 देशों के पहलवान हिस्सा ले रहे हैं। इनमें भारत के अलावा ईरान, अज़रबैजान, मंगोलिया, जापान, पोलैंड, कनाडा, जॉर्जिया सहित कई प्रमुख कुश्ती राष्ट्र शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय पहलवानों की मौजूदगी से लीग का स्तर और प्रतिस्पर्धा दोनों ही काफी ऊंचे माने जा रहे हैं। आयोजकों का मानना है कि इससे भारतीय पहलवानों को भी अंतरराष्ट्रीय अनुभव और तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा।
लीग के विजेता को 1.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि प्रदान की जाएगी, जबकि उपविजेता टीम को 75 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट को 2.5 लाख रुपये, डेली प्लेयर ऑफ द मैच को 50 हजार रुपये और फाइटर ऑफ द मैच को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। आयोजकों ने बताया कि इस सीजन में लीग को और अधिक दर्शकप्रिय बनाने के लिए इसके फॉर्मेट में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
प्रो रेसलिंग लीग 2026 में इस बार कुल छह फ्रेंचाइज़ी टीमें खिताब के लिए मुकाबला कर रही हैं। इनमें टाइगर्स ऑफ मुंबई डेंगल्स, महाराष्ट्र केसरी, यूपी डोमिनेटर्स, पंजाब रॉयल्स, हरियाणा थंडर्स और दिल्ली डेंगल वॉरियर्स शामिल हैं। सभी टीमें खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतर रही हैं, जिससे दर्शकों को रोज़ाना रोमांचक और कड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे।
इस मौके पर उपस्थित विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि प्रो रेसलिंग लीग 2026 न केवल भारतीय कुश्ती को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम करेगी, बल्कि नोएडा को वैश्विक खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी यह एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं को खेल के प्रति प्रेरणा मिलती है और स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच मिलता है।
प्रेसवार्ता में नोएडा सिटीजन फोरम के महासचिव प्रशांत त्यागी, अविनाश सिंह, भारतीय कुश्ती संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. एस. पी. देशवाल, लीग के आयोजक अखिल गुप्ता और चेयरमैन दयान फारूखी भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रो रेसलिंग लीग भारतीय कुश्ती को नई पहचान देने के साथ-साथ खेल संस्कृति को मजबूत करने का कार्य कर रही है।
आयोजकों ने बताया कि प्रो रेसलिंग लीग 2026 के मुकाबले नोएडा स्टेडियम में रोज़ाना आयोजित किए जाएंगे और दर्शकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि वे कुश्ती के इस महाकुंभ का भरपूर आनंद उठा सकें। खेल प्रेमियों में लीग को लेकर पहले से ही उत्साह देखने को मिल रहा है और उम्मीद की जा रही है कि इस सीजन में दर्शकों की संख्या नए रिकॉर्ड कायम करेगी।
कुल मिलाकर, प्रो रेसलिंग लीग 2026 भारतीय खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में उभर रही है, जो न केवल कुश्ती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी, बल्कि नोएडा को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर भी मजबूत पहचान दिलाएगी।