
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित
नोएडा के सेक्टर-133 स्थित गांव नंगली नंगला, नंगली वाजिदपुर और नंगली शाखपुर में वर्षों से बनी गंभीर जलनिकासी समस्या को लेकर एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर दिखाने के लिए भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने नोएडा प्राधिकरण के जल एवं सीवर विभाग के अधिकारियों को गांवों का दौरा कराया।
दौरे के दौरान जल एवं सीवर विभाग के एपी पवन बेनीवाल, राजकुमार और जेई दयानंद उपाध्याय को गांव नंगली नंगला और नंगली शाहपुर के पास फैली स्थिति से अवगत कराया गया। यहां कई हजार मीटर भूमि पर नालियों का गंदा पानी भरा हुआ है, जिसकी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या वर्ष 2019 से लगातार बनी हुई है।
अशोक चौहान ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को अवगत कराया गया। पूर्व में अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद आज तक नालियों में भरे गंदे पानी की निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हजारों मीटर क्षेत्र में पानी भरे रहने से न केवल किसानों की जमीन खराब हो रही है, बल्कि ग्रामीणों के लिए यह जानलेवा खतरा भी बन चुका है।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम भी इस क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं, लेकिन उनके निरीक्षण के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। इससे ग्रामीणों में भारी रोष है और वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस दौरान यह सवाल भी उठाया गया कि क्या नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में सेक्टर-150 में नालियों के गंदे पानी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो यहां भी ऐसी ही किसी दुखद घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
भारतीय किसान यूनियन मंच और ग्रामीणों ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि अधिकारी अति शीघ्र गांव नंगली नंगला और नंगली शाखपुर का पुनः दौरा करें और तत्काल प्रभाव से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
इस अवसर पर नरेंद्र चौहान, राजकुमार प्रधान, सत्येंद्र गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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