
नोएडा, सेक्टर-110, रामलीला मैदान।
अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण के ऐतिहासिक पल के साथ ही नोएडा में चल रहा 108-कुण्डीय भारत उत्कर्ष महायज्ञ आज आध्यात्मिक चरम पर पहुंच गया। जैसे ही अयोध्या से ध्वजारोहण का संदेश आया, उसी क्षण महायज्ञ में पूर्णाहुति अर्पित करते हुए पूरा परिसर “जय श्री राम” के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा।
दस दिनों तक चले इस विराट आयोजन में 11 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। यह संख्या यह स्पष्ट करती है कि यह आयोजन नोएडा की धरती पर अब तक का सबसे विशाल और ऐतिहासिक धार्मिक समागम बन गया है। देश के सभी राज्यों और विदेशों—अमेरिका, कनाडा, मॉरीशस, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, फिजी और यूरोपीय देशों—से आए भक्त इस दिव्य क्षण के साक्षी बने।
रामकथा के दौरान राघवाचार्य जी द्वारा वर्णित धार्मिक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। अयोध्या में ध्वजा फहरने के साथ ही महायज्ञ के अंतिम दिन की आहुति ने आयोजन को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक रूप प्रदान किया।
आयोजन समिति के अनुसार दस दिनों तक भंडारे में प्रतिदिन लाखों लोगों ने निःशुल्क प्रसाद ग्रहण किया। पूरा महायज्ञ परिसर हजारों दीपों, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिरस की ध्वनि से आलोकित रहा।
महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि अयोध्या और नोएडा दोनों स्थानों पर आज का दिन भारतीय संस्कृति और राष्ट्रगौरव की नई धारा का प्रतीक बन गया।
उपाध्यक्ष राहुल भारद्वाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने लाखों श्रद्धालुओं का भी धन्यवाद किया, जिनकी सहभागिता से यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से सफल हो सका।
भारत उत्कर्ष महायज्ञ ने सिद्ध कर दिया कि जब संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय चेतना एक सूत्र में जुड़ती हैं, तब इतिहास रचा जाता है—और आज नोएडा ने यही इतिहास रचा है।