नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित

नोएडा भारत में फैशन शिक्षा को उद्योग से सीधे जोड़ने की दिशा में एक नई पहल करते हुए आईएमएस डिजाइन एंड इनोवेशन एकेडमी (आईएमएस-डीआईए) ने मेडुसा फैशन हाउस के सहयोग से “रनवे-टू-ब्रांड” इंटेंसिव डिप्लोमा कार्यक्रम लॉन्च करने की घोषणा की है। तीन माह का यह विशेष कार्यक्रम डिजाइनरों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी फैशन उद्यमी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। संस्थान के अनुसार यह कार्यक्रम पारंपरिक फैशन डिजाइन कोर्स से अलग एक संपूर्ण निष्पादन-आधारित मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें प्रतिभागियों को अपने फैशन ब्रांड की अवधारणा से लेकर निर्माण और लॉन्च तक की पूरी प्रक्रिया सिखाई जाएगी। कार्यक्रम का समापन अंतरराष्ट्रीय मंच पर सिग्नेचर आउटफिट के प्रदर्शन के साथ होगा, जिससे प्रतिभागियों को वैश्विक पहचान मिलने का अवसर मिलेगा। आईएमएस नोएडा के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि डिजाइनरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का वास्तविक अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत से ऐसे फैशन ब्रांड तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा जो वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकें। 12 सप्ताह के इस डिप्लोमा कार्यक्रम को चार प्रमुख स्तंभों—टेक्निकल कंस्ट्रक्शन, रनवे डेवलपमेंट, ब्रांड फाउंडेशन और कमर्शियलाइजेशन—पर तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को एडवांस पैटर्न मेकिंग, ड्रेपिंग, फिनिशिंग, ब्रांड पोजिशनिंग, प्राइसिंग और मार्केटिंग रणनीतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभागी एक सिग्नेचर रनवे आउटफिट, तकनीकी गारमेंट फाइल, ब्रांड पहचान, बिजनेस रणनीति और डिजिटल लुकबुक भी तैयार करेंगे। मेडुसा फैशन हाउस की फाउंडर सोनल जिंदल ने कहा कि यह सहयोग भारतीय डिजाइनरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रोफेशनल फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, अंतरराष्ट्रीय पीआर, मीडिया एक्सपोजर और डिजिटल प्रमोशन जैसे अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। आईएमएस-डीआईए के डीन प्रोफेसर (डॉ.) एम.के.वी. नायर ने बताया कि इस कार्यक्रम की खासियत इसका व्यावहारिक और परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण है। सीमित 32 प्रतिभागियों के बैच के साथ यह कार्यक्रम व्यक्तिगत मार्गदर्शन और गहन प्रशिक्षण पर केंद्रित रहेगा। इसके अलावा, इस पहल को संस्थान के बैचलर ऑफ डिजाइन प्रोग्राम से भी जोड़ा जाएगा, जहां चौथे वर्ष के छात्र “डीआईए कलेक्शन” के तहत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सिग्नेचर गारमेंट्स प्रस्तुत करने का अवसर पाएंगे। इस नई पहल से उम्मीद की जा रही है कि देश में फैशन शिक्षा को उद्योग से जोड़ने और युवा डिजाइनरों को वैश्विक अवसर दिलाने की दिशा में एक मजबूत मंच तैयार होगा।