
नोएडा से संवाददाता प्रमोद दीक्षित की रिपोर्ट
नोएडा।
“जब सैयाँ भये कोतवाल, अब डर काहे का?” — यह कहावत एक बार फिर नोएडा में जीवंत हो उठी है।
पुलिस ने नियमित चेकिंग के दौरान एक गाड़ी को रोका, जो हूटर बजाते हुए रौब झाड़ रही थी। पूछताछ में पता चला कि वाहन भाजपा के एक स्थानीय नेता के पुत्र का है।
कानून के अनुसार, पुलिस ने तुरंत हूटर हटवाने और वाहन को सीज़ करने की प्रक्रिया शुरू की।
लेकिन मामला तब पलट गया जब कुछ घंटों बाद कार्रवाई करने वाले कोतवाल को ही लाइन हाजिर कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव के चलते हुई है।
पुलिसकर्मियों का कहना है कि यदि यही घटना किसी आम नागरिक या विपक्षी दल से जुड़े व्यक्ति के साथ होती, तो कड़ी कार्रवाई की जाती, न कि ईमानदार अधिकारी को सज़ा दी जाती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल एक गाड़ी या हूटर का नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की साख से जुड़ा है।
पुलिसकर्मी यदि निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे और उन्हें ही हटाया जाएगा, तो आम जनता का विश्वास व्यवस्था से उठ जाएगा।
अब सवाल उठ रहा है —
“क्या नोएडा में अब कानून नहीं, नेता की पहचान तय करेगी कार्रवाई की दिशा?”