
नोएडा संवाददाता – प्रमोद दीक्षित
नोएडा। नोएडा पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। समाजवादी पार्टी नोएडा महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता के साथ हुई घटना ने पुलिस पर बदले की कार्रवाई करने के गंभीर आरोप खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, कल देर रात आश्रय गुप्ता सेक्टर-63 क्षेत्र से गुजर रहे थे, जब उन्होंने देखा कि एक पुलिस वाहन सड़क किनारे गलत तरीके से खड़ा था और यातायात बाधित कर रहा था। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को विनम्रता से समझाया कि जनता को परेशानी न हो, गाड़ी सही ढंग से लगाएं।
बताया जा रहा है कि इस दौरान वहां तैनात पुलिसकर्मी ने असंवेदनशील रवैया अपनाया और तीखी बहस भी हुई। स्थिति बढ़ने से पहले ही गुप्ता वहां से निकल गए, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनकी गाड़ी का ‘सीट बेल्ट न लगाने’ का चालान कर दिया गया।
आश्रय गुप्ता ने कहा —
“यह साफ तौर पर खुन्नस की कार्रवाई है। जब मैंने पुलिस को नियमों का पालन करने को कहा, तो उन्होंने जवाब में मेरा चालान भेज दिया। चालान से मुझे कोई आपत्ति नहीं, पर यह दबंगई जनता के सामने उजागर करनी जरूरी है।”
गुप्ता ने बताया कि चालान में जिस फोटो को सबूत के रूप में भेजा गया है, उसमें उनकी गाड़ी साफ खड़ी दिख रही है, न कोई ड्राइवर है न सवारी, फिर भी सीट बेल्ट का चालान कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि अब वह इसका जवाब कोर्ट में देंगे, और जनता के सामने यह सवाल उठाएंगे कि —
“क्या पुलिस की गलती पर बोलना अब अपराध हो गया है?”
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले ने जोर पकड़ा है। कई यूज़र्स ने इसे “आवाज़ उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई” बताया है, जबकि कुछ ने इसे “अहंकार में डूबी पुलिस की प्रतिक्रिया” कहा।
आश्रय गुप्ता ने कहा कि —
“अगर पुलिस जनता के सुझाव पर बौखला जाए, तो यह लोकतंत्र की चिंता का विषय है। अब मैं इस पूरे मामले को जनता के सामने रखूंगा।”