
गुरुजी के प्रवचनों ने दी सत्य, मर्यादा और मानवता के पालन की प्रेरणा
🖋️ नोएडा संवाददाता — प्रमोद दीक्षित
नोएडा, सेक्टर-82 स्थित ईडब्ल्यूएस पॉकेट 12 में चल रही दिव्य श्रीराम कथा का रविवार को भावपूर्ण समापन हुआ। कथा व्यास अनंत श्री विभूषित महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी पंचमानंद जी महाराज ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा की महत्ता पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीराम का जीवन हर युग में मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।

कथा स्थल पर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा। भक्तों ने दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण और भक्ति संगीत के बीच अपने आराध्य प्रभु का स्मरण किया। स्वामी पंचमानंद जी महाराज ने प्रवचन में कहा —
“श्रीराम ने सिखाया कि सत्य, धैर्य और मर्यादा ही जीवन की वास्तविक शक्ति हैं। जब हम अपने कर्तव्य को स्वार्थ से ऊपर रखेंगे, तभी समाज में धर्म और सद्भाव स्थापित हो सकेगा।”
कथा में हनुमान जी के शक्ति-स्मरण प्रसंग ने श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया। यह बताया गया कि जब हनुमान जी को अपनी असली शक्ति का बोध हुआ, तो उन्होंने विनम्रता और भक्ति से असंभव को संभव बना दिया — यह प्रसंग इस बात की शिक्षा देता है कि हर व्यक्ति के भीतर असीम क्षमता छिपी होती है।
कथा के समापन के बाद जब स्वामी पंचमानंद जी महाराज नोएडा से अपने आश्रम के लिए प्रस्थान करने लगे, तो पूरा परिसर भावनाओं से भर गया। भक्तों की आंखें नम थीं और सभी उनके चरणों में प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे। दस दिन तक चले इस आध्यात्मिक पर्व के बाद गुरुजी के विदा होने से वातावरण में गहरी श्रद्धा और विरह का भाव छा गया।
भक्तों ने कहा —
“गुरुजी का सान्निध्य हमारे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा। उनके उपदेशों ने हम सबको धर्म, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है।”
इस अवसर पर उपस्थित रहे — देवमणि शुक्ला, गोरेलाल संजय जी, राघव जी, धर्मेंद्र जी, विनय त्रिवेदी, सी.के. शर्मा, अंकित, पवन मिश्रा, मनोज तिवारी, विजय सचान, महेश यादव, नवीन जी, नरेश जी, अरविंद भारद्वाज, कृपाल यादव, राजू श्रीवास्तव, खेमचंद, प्रमोद यादव, अशोक गोला, अंकित उपाध्याय, रवि राघव, मुकेश शुक्ला, महेंद्र शर्मा, सरमन झा, संजीव, मनीष मिश्रा, कृष्णा दुबे, अरविंद परिहार श्रीवास्तव, विकास तिवारी, धर्मेंद्र शर्मा एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासी।