नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित

नोएडा। सेक्टर-62 स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) में आयोजित तीन दिवसीय गोल्डन गोल कप ओपन फुटबॉल प्रतियोगिता का खिताब गोल हंटर टीम ने अपने नाम कर लिया। प्रतियोगिता के तीसरे और अंतिम दिन क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले रोमांचक अंदाज में खेले गए। समापन अवसर पर विजेता और उपविजेता टीमों को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर रीना मैसी के अनुसार क्वार्टर फाइनल के तीन मुकाबले खेले गए। पहले मैच में दिल्ली वारियर्स ने बेनेट यूनिवर्सिटी को 2-0 से हराया। दूसरे मुकाबले में डीजी वारियर्स ने आजाद एफसी को 4-0 से पराजित किया। तीसरे मैच में गोल हंटर ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी को 6-1 से शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सेमीफाइनल चरण में गोल्डन एफसी ने डीजी वारियर्स को 2-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं गोल हंटर ने दिल्ली वारियर्स को 1-0 से मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह पक्की की। तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैच में डीजी वारियर्स ने दिल्ली वारियर्स को 3-1 से हराकर सेकेंड रनर-अप का स्थान प्राप्त किया।
फाइनल मुकाबला गोल्डन एफसी और गोल हंटर के बीच खेला गया, जिसमें गोल हंटर ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 4-0 से जीत दर्ज कर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। टीम के आक्रामक खेल और मजबूत रक्षा पंक्ति ने दर्शकों को प्रभावित किया।
आईएमएस के प्रेसिडेंट राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि संस्थान शिक्षा के साथ-साथ खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी समान महत्व देता है। खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धात्मक भावना और सकारात्मक ऊर्जा का विकास करती हैं। वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने कहा कि खेल युवाओं में टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन जैसे गुणों को विकसित करते हैं और इस प्रकार की प्रतियोगिताएं प्रतिभा को मंच प्रदान करती हैं।
समापन समारोह में विजेता टीम गोल हंटर को 11,000 रुपये नकद पुरस्कार और ट्रॉफी प्रदान की गई। प्रथम रनर-अप को 7,100 रुपये नकद पुरस्कार के साथ ट्रॉफी दी गई, जबकि द्वितीय रनर-अप टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।