
नोएडा से संवाददाता — प्रमोद दीक्षित
नोएडा। लोक आस्था का सबसे पवित्र पर्व छठ महापर्व 25 अक्टूबर से नहाय-खाय के साथ प्रारंभ होगा और 28 अक्टूबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होगा। यह चार दिवसीय पर्व सूर्य देव और छठी मइया की उपासना का ऐसा अनोखा संगम है, जो श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता का संदेश देता है।
अखिल भारत हिन्दू महासभा और अखिल भारतीय प्रवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया कि यह पर्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 25 अक्टूबर को व्रतियों द्वारा नहाय-खाय के साथ पर्व की शुरुआत होगी, जबकि 26 अक्टूबर को खरना के उपरांत 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ होगा।
27 अक्टूबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और घाटों पर भक्ति का सागर उमड़ेगा। इस दिन घरों में बने ठेकुआ, लड्डू और मौसमी फलों से सजे सूप और डाले सूर्य भगवान को समर्पित किए जाएंगे। घाटों पर लोकगीतों और छठ मइया के गीतों की गूंज वातावरण को आध्यात्मिक बना देगी।
28 अक्टूबर की सुबह व्रतियों द्वारा उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ यह चार दिवसीय पर्व सम्पन्न होगा। डॉ. शर्मा ने बताया कि छठ पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है तथा परिवार के सभी कष्ट दूर होते हैं।
उन्होंने कहा कि यह पर्व न केवल बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बल्कि नेपाल, मॉरीशस, फिजी, ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया तक श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। दिल्ली-एनसीआर में भी लाखों श्रद्धालु इस पर्व में भाग लेते हैं, जिससे घाटों पर लोक संस्कृति और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
पत्रकार प्रमोद दीक्षित के अनुसार, इस वर्ष नोएडा के विभिन्न छठ घाटों पर सुरक्षा, सफाई और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे छठ मइया की पूजा परंपरा के अनुसार करें और घाटों की पवित्रता बनाए रखें।