
समय संदेश टाइम्स, न्यूज डेस्क।
रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और दिग्गज उद्योगपति विजयपत सिंघानिया का निधन 28 मार्च 2026 की शाम को मुंबई में हुआ. वे 87 वर्ष के थे, लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे. उन्होंने मुंबई में अपनी आखिरी सांस ली.उनके बेटे और रेमंड समूह के वर्तमान अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक गौतम सिंघानिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर उनके निधन की जानकारी साझा की. उनका अंतिम संस्कार रविवार को चंदनवाड़ी श्मशान घाट पर किया जाएगा.
विजयपत सिंघानिया को 2000 तक रेमंड ग्रुप के चेयरमैन के रूप में दो दशकों तक कंपनी का नेतृत्व करने और पद्म भूषण से सम्मानित होने के लिए जाना जाता है.
विजयपत सिंघानिया के साल 1980 में रेमंड की बागडोर संभालने के बाद रेमंड ग्रुप में काफी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले. आज रेमंड ग्रुप का बिजनेस कपड़ा, रियल एस्टेट, इंजीनियरिंग और कंज्यूमर केयर जैसे क्षेत्रों में फैला है. रेमंड लिमिटेड इसकी फ्लैगशिप कंपनी है.
उन्होंने पारंपरिक ऊनी कपड़ों के उत्पादन से आगे बढ़कर सिंथेटिक कपड़ों, डेनिम और यहां तक कि हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी कदम रखा. उनकी लीडरशिप में रेमंड को एक छोटी सी मिल से एक ग्लोबल साम्राज्य में बदलने में सफलता हासिल की.
1938 में जन्मे विजयपत सिंघानिया एक भारतीय उद्योगपति और एविएटर थे. उन्होंने 1980 से 2015 तक रेमंड ग्रुप के चेयरमैन के तौर पर नेतृत्व किया और दशकों तक कंपनी के विकास और बदलाव में अहम भूमिका निभाई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ एक जमाने में 12,000 करोड़ रुपये थी. लेकिन उनकी जिंदगी में साल 2015 में एक बड़ा मोड़ आया. उन्होंने रेमंड लिमिटेड में अपनी पूरी हिस्सेदारी यानी करीब 37 प्रतिशत शेयर अपने बेटे गौतम सिंघानिया को ट्रांसफर कर दिए। उस समय केवल उन शेयरों की कीमत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी.