
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित
नोएडा में लंग कैंसर के इलाज के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए मेदांता हॉस्पिटल, नोएडा ने पहली बार रोबोटिक तकनीक से लंग कैंसर की सफल सर्जरी की है। इसी के साथ अस्पताल में एडवांस्ड रोबोटिक थोरेसिक सर्जरी एंड लंग कैंसर क्लिनिक की औपचारिक शुरुआत भी की गई। यह पहल पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए विश्वस्तरीय थोरेसिक ऑन्कोलॉजी सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाएगी।
लंग कैंसर के आधुनिक और उन्नत उपचार विकल्पों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मेदांता हॉस्पिटल नोएडा द्वारा एक विशेष अवेयरनेस सेशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अस्पताल में की गई नोएडा की पहली रोबोटिक लंग कैंसर सर्जरी की जानकारी साझा की गई और नए डेडिकेटेड क्लिनिक के लॉन्च की घोषणा की गई।
इस अवसर पर मेदांता हॉस्पिटल नोएडा के इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी, चेस्ट ऑनको सर्जरी एंड लंग ट्रांसप्लांट विभाग के डायरेक्टर डॉ. बेलाल बिन आसफ अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने एडवांस्ड रोबोटिक थोरेसिक सर्जरी एंड लंग कैंसर क्लिनिक का औपचारिक उद्घाटन किया।
डॉ. बेलाल बिन आसफ ने बताया कि यह सर्जरी 65 वर्षीय एक मरीज पर की गई, जो रूटीन कार्डियोलॉजी जांच के लिए अस्पताल आए थे। सीटी एंजियोग्राफी के दौरान संयोगवश फेफड़े में एक नोड्यूल पाया गया। मरीज में न तो सांस से जुड़ी कोई समस्या थी और न ही स्मोकिंग का कोई इतिहास, लेकिन आगे की जांच में अर्ली-स्टेज लंग कैंसर की पुष्टि हुई।
इसके बाद मरीज की रोबोटिक राइट लोअर लोबेक्टॉमी विद सिस्टेमैटिक मेडियास्टाइनल लिम्फ नोड डिसेक्शन की गई। यह एक अत्यंत जटिल और उच्च सटीकता वाली सर्जरी मानी जाती है। एडवांस्ड रोबोटिक तकनीक की मदद से बेहतर विजुअलाइजेशन, सटीक डिसेक्शन और उच्च स्तर की सर्जिकल एक्युरेसी संभव हो सकी। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज बिना किसी जटिलता के स्वस्थ होकर स्थिर अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए।
यह सर्जरी मेदांता द मेडिसिटी, गुरुग्राम के इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी, चेस्ट ऑनको सर्जरी एंड लंग ट्रांसप्लांटेशन के विशेषज्ञों डॉ. सुखराम विश्नोई और डॉ. प्रवीन पांडा के सहयोग से की गई। पूरी प्रक्रिया प्रो. डॉ. अरविंद कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुई। यह सहयोग मेदांता के इंटीग्रेटेड अकादमिक और क्लिनिकल फ्रेमवर्क को दर्शाता है, जिसमें सभी यूनिट्स में समान सर्जिकल प्रोटोकॉल और बेहतरीन चिकित्सा मानकों को लागू किया जाता है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला समय पर की गई जांच और संयोगवश हुई अर्ली डिटेक्शन के महत्व को स्पष्ट करता है। भारत में लंग कैंसर कैंसर से होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में शामिल है, जिसका मुख्य कारण देर से पहचान होना है। रूटीन हेल्थ चेक-अप के दौरान समय पर जांच से न केवल सर्वाइवल रेट बढ़ाया जा सकता है, बल्कि इलाज के परिणाम भी बेहतर हो सकते हैं।
मेदांता हॉस्पिटल नोएडा में एडवांस्ड रोबोटिक थोरेसिक सर्जरी क्लिनिक के शुभारंभ के साथ अब लंग कैंसर और अन्य जटिल चेस्ट बीमारियों के लिए आधुनिक रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस क्लिनिक से क्षेत्र के मरीजों को इलाज के लिए बड़े महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
यह पहल नोएडा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को समय पर निदान, उन्नत उपचार और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने की दिशा में मेदांता हॉस्पिटल नोएडा की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।