
गुवाहाटी।
शिक्षा, सेवा और समाजसेवा के क्षेत्र में असम की धरती से निकली एक ऐसी शख्सियत, जिसने न केवल अपने कार्यों से बल्कि अपने विचारों से भी समाज में बदलाव की दिशा तय की — रजनी शाह। 12 जनवरी को गुवाहाटी (असम) में जन्मी रजनी शाह आज एक प्रसिद्ध शिक्षाविद, समाजसेवी और परोपकारी व्यक्तित्व के रूप में देश और विदेश में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
रजनी शाह की यात्रा केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने मानवता को शिक्षा से जोड़ने का एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया।
एक वैदिक गणित शिक्षिका और यूट्यूबर के रूप में उन्होंने सैकड़ों बच्चों को शिक्षा के साथ सृजनात्मकता की राह दिखाई। उनके वीडियो और सेशन आज कई युवा छात्रों को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।
वर्तमान में रजनी शाह इंस्पायरिंग इंडियन वुमन (IIW) के गुवाहाटी चैप्टर की डिप्टी डायरेक्टर हैं और कौशल्या यूके की इंडियन एम्बेसडर के रूप में कार्यरत हैं।
उनकी उपलब्धियाँ केवल राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराही गई हैं। उन्हें कॉमन हाउस ऑफ यूके अवॉर्ड 2023 में Most Prominent Professional, इंटरनेशनल विमेन्स डे अवॉर्ड 2023 में Excellence in Education और सुपर वुमन अवॉर्ड 2023 जैसे सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
समाजसेवा के क्षेत्र में रजनी शाह ने महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए कई उल्लेखनीय पहल की हैं। उन्होंने जरूरतमंद बालिकाओं को सेनेटरी पैड्स और स्टेशनरी सामग्री वितरित की, आदिवासी महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम शुरू की, और गरीब परिवारों के लिए दवाइयों व आवश्यक वस्तुओं के दान शिविर आयोजित किए।
रजनी शाह का मानना है कि —
“उद्यम, शिक्षा और संवेदना — यही किसी समाज के उज्जवल भविष्य की तीन मजबूत नींव हैं।”
उनकी सोच और समर्पण ने यह साबित किया है कि यदि शिक्षा को सेवा से जोड़ा जाए, तो वह केवल ज्ञान का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बन सकती है।