नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित

गाजियाबाद/लोनी। चल रही शिव महापुराण कथा के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। गुरु महाराज ने सती चरित्र तथा माता पार्वती के जन्म की दिव्य कथा का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान पूरा पंडाल शिवमय वातावरण में डूबा नजर आया।
गुरु महाराज ने सती के आत्मदाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए त्याग, आत्मसम्मान और भक्ति की भावना को समझाया। इस प्रसंग को सुनकर कई श्रद्धालु भावुक हो गए। इसके उपरांत माता पार्वती के जन्म का उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पार्वती जन्म के अवसर पर पारंपरिक सोहर गीत गाए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ उत्सव मनाया और माता पार्वती के अवतरण को शिव शक्ति के पुनर्मिलन का प्रतीक बताया। महिलाओं और युवाओं ने विशेष उत्साह के साथ आयोजन में भाग लिया।
गुरु महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि सती से पार्वती तक की कथा मानव जीवन को यह संदेश देती है कि दुख स्थायी नहीं होता। कठिन परिस्थितियों के बाद सुख और नई शुरुआत अवश्य आती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को जीवन में धैर्य, विश्वास और भक्ति बनाए रखने का आह्वान किया।
आयोजन स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और कथा श्रवण कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में भी कथा का क्रम जारी रहेगा।
