नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा। विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर नोएडा के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नोएडा लोकमंच द्वारा संचालित संस्कार अध्ययन केन्द्र में आयोजित इस कार्यक्रम में फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन ने बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को ऑटिज्म के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने समावेशिता का उत्सव मनाते हुए ऑटिज्म के लक्षणों और अपने साथियों के प्रति संवेदनशीलता के बारे में जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने बताया कि समाज में सभी बच्चों को समान अवसर और समझ की आवश्यकता होती है, जिससे वे बेहतर तरीके से विकसित हो सकें। इस दौरान मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और खराब पोस्चर के दुष्प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, गर्दन और कंधों में दर्द होता है, साथ ही एकाग्रता में कमी और सीखने की गति पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आदतें बच्चों के न्यूरो-विकास से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकती हैं। फाउंडेशन के डॉक्टर डॉ. महिपाल सिंह और डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑटिज्म हर बच्चे में नहीं होता, लेकिन वर्तमान जीवनशैली जैसे कामकाजी अभिभावकों की व्यस्तता और सीमित सामाजिक संपर्क के कारण कुछ बच्चों में इसके समान लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन की ओर से सेंटर के बच्चों द्वारा तैयार इन-हाउस पत्रिका, हैंडवॉश और ग्लास क्लीनर शिक्षकों और बच्चों को भेंट किए गए। साथ ही शिक्षकों को कक्षा स्तर पर बच्चों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग के लिए व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए, ताकि ...
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नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा गौतमबुद्ध नगर के थाना जारचा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम सैंथली में हुए चर्चित डबल मर्डर के मुख्य साजिशकर्ता और गैंगस्टर एक्ट में वांछित अभियुक्त सैन्सरपाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार ग्राम सैंथली में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद मुख्य साजिशकर्ता सैन्सरपाल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संबंध में थाना जारचा पर मु0अ0सं0 61/2026 धारा 2/3(1) गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था, जिसमें सैन्सरपाल लंबे समय से वांछित चल रहा था दिनांक 4 अप्रैल 2026 को थाना जारचा पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके ही गांव सैंथली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार अभियुक्त सैन्सरपाल पुत्र माखन, निवासी ग्राम सैंथली, थाना जारचा, गौतमबुद्ध नगर का रहने वाला है, जिसकी उम्र लगभग 70 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों और तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभियुक्त के खिलाफ पूर्व में भी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मु0अ0सं0 177/2025 के तहत विभिन्न धाराएं तथा मु0अ0सं0 061/2026 के तहत गैंगस्टर एक्ट शामिल है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के मीडिया सेल के अनुसार अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित लखनऊ समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिलाध्यक्षों, महानगर अध्यक्षों और विधानसभा अध्यक्षों ने भाग लिया, जहां पार्टी के विभिन्न स्तरों पर संगठनात्मक स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सानिध्य में नेताओं ने आगामी योजनाओं और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श किया। इस दौरान संगठन को और अधिक सक्रिय और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और सुदृढ़ किया जा सके। बैठक में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया और संगठन को मजबूत करने के लिए सुझाव भी दिए। इसमें बूथ स्तर तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने, कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और जनसंपर्क अभियान को तेज करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। नेताओं ने यह भी माना कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में जनता के बीच सक्रिय रहना और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने आने वाले समय में जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति बनाई। बैठक में संगठन के विस्तार, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और आगामी चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व ने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और जनता से सीधे संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। इस अहम बैठक को समाजवादी पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन और सक्रिय कार्यकर्ता ही भविष्य की राजनीतिक सफलता की कुंजी होंगे।
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने नोएडा जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए पशुओं में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज मंगाई जा रही हैं, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है। अखिलेश यादव ने कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का उदाहरण है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी सरकार को घेरते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर सिर्फ दावे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “इंसान को इंसान नहीं समझ रही सरकार।” उनके इस बयान ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है। अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पतालों में जरूरी संसाधनों की कमी है और मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, जबकि अभी तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नोएडा जिला अस्पताल से जुड़ा यह मामला प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए क्या ठोस प्रयास करती है।
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा। शहर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जब...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित लखनऊ, 2 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकाशवाणी लखनऊ के...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित राजधानी दिल्ली में नगर निगम द्वारा नए नियम लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य शहर में स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक अनुशासन को बेहतर बनाना है। इन नियमों के तहत अब पशुपालकों और आम नागरिकों दोनों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। नगर निगम के नए आदेश के अनुसार, अब सड़क पर मवेशी बांधने या उन्हें खुले में छोड़ने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। निगम का मानना है कि सड़कों पर घूमते मवेशी न केवल यातायात बाधित करते हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। ऐसे में इस नियम के जरिए व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। खुले में पेशाब करने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम स्वच्छता को बढ़ावा देने और नागरिकों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न इलाकों में निगरानी रखेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के कड़े नियम शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में मदद करेंगे, लेकिन इसके साथ ही लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। पशुपालकों को अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर बांधने की व्यवस्था करनी होगी, जबकि आम नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा। कुल मिलाकर, दिल्ली में लागू हुए ये नए नियम शहर की छवि सुधारने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित देशभर में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आम जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं ।इन बदलावों का सीधा असर बैंकिंग, कैश ट्रांजैक्शन, रेलवे टिकट और डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और कैश लेनदेन पर निगरानी को मजबूत करना है। सबसे बड़ा बदलाव कैश ट्रांजैक्शन को लेकर किया गया है। अब वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक के कैश ट्रांजैक्शन पर आयकर विभाग की कड़ी नजर रहेगी। पहले यह सीमा 20 लाख रुपये तक मानी जाती थी, लेकिन अब इसे घटाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति तय सीमा से अधिक कैश का लेनदेन करता है, तो उसे आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिल सकता है। इससे स्पष्ट है कि सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना चाहती है। बैंकिंग नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। अब एटीएम से हर महीने केवल पांच ट्रांजैक्शन ही मुफ्त होंगे। इसके बाद प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं, यूपीआई के माध्यम से कैश विद्ड्रॉल करने पर प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपये तक का शुल्क लग सकता है। इन बदलावों से ग्राहकों को अपने लेनदेन की योजना सोच-समझकर बनानी होगी। होटल और बड़े भुगतान से जुड़े नियमों में भी संशोधन किया गया है। अब कोई भी व्यक्ति होटल में एक लाख रुपये तक का कैश भुगतान कर सकता है, इससे अधिक भुगतान के लिए डिजिटल या अन्य माध्यमों का उपयोग करना होगा। यह कदम भी कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है। रेलवे यात्रियों के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब यदि कोई यात्री ट्रेन के प्रस्थान समय से 8 से 24 घंटे पहले टिकट रद्द करता है, तो उसे 50 प्रतिशत तक रिफंड मिलेगा। वहीं, ट्रेन छूटने से ठीक पहले टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों को ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग प्वाइंट बदलने की सुविधा दी गई है, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए नियमों से जहां एक ओर वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता आएगी, वहीं दूसरी ओर लोगों को कैश के बजाय डिजिटल माध्यम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हालांकि, आम लोगों को शुरुआती दिनों में इन नियमों को समझने और अपनाने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। कुल मिलाकर, ये बदलाव आम जनता के दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करेंगे। ऐसे में जरूरी है कि लोग इन नए नियमों की पूरी जानकारी रखें और उसी के अनुसार अपने वित्तीय और यात्रा से जुड़े निर्णय लें।कैश ट्रांजैक्शन पर सख्ती, बैंकिंग और रेलवे नियमों...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा में आयोजित समाजवादी पार्टी की विशाल रैली में अखिलेश यादव ने मंच से प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने उद्बोधन में उन्होंने रैली की सफलता का श्रेय कार्यकर्ताओं को देते हुए कहा कि इस आयोजन की चर्चा ने विरोधियों को परेशान कर दिया है और उन्हें मजबूरी में अपनी रैली पहले करनी पड़ी। अखिलेश यादव ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी रैली में लोग खुद नहीं आए बल्कि लाए गए थे और सरकारी मशीनरी का सहारा लिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बड़े बड़े दावे करने वालों को कर्मचारियों और संस्थानों के छात्रों तक को रैली में लाना पड़ा। उन्होंने विकास कार्यों को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि कई उद्घाटन केवल दिखावे के लिए किए गए हैं। एयरपोर्ट परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई परियोजनाएं बंद हो गईं और अब नए उद्घाटन भी संदेह के घेरे में हैं। जेवर एयरपोर्ट को लेकर उन्होंने दावा किया कि उसकी NOC दिलाने का काम समाजवादी पार्टी ने किया था। किसानों और जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार न तो उचित मुआवजा दे पाई और न ही वादों को पूरा कर सकी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार बनने पर किसानों को उनकी जमीन का सही मूल्य दिया जाएगा और उन्हें सम्मान के साथ अर्बन यूनिट के रूप में मान्यता दी जाएगी। युवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि रोजगार के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन हकीकत में नौजवानों को नौकरी नहीं मिली। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर युवाओं को उनके गांव के पास ही रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही। अखिलेश यादव ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इस वर्ग के साथ लगातार भेदभाव हुआ है और उनका सम्मान छीना गया है। उन्होंने कहा कि अब समय बदल रहा है और PDA समाज एकजुट होकर बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बीजेपी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मान में विश्वास रखती है और वे लगातार उनके बीच जाकर संवाद करते हैं। रैली के दौरान कानून व्यवस्था और फर्जी एनकाउंटर का मुद्दा भी उठाया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर झूठे मुकदमों की समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाएगा। अंत में उन्होंने कहा कि यह रैली बदलाव का संकेत है और आने वाले समय में प्रदेश में PDA की सरकार बनने जा रही है।नोएडा में गरजी सपा की रैली, अखिलेश...
नोएडा संवाददाता प्रमोद दीक्षित नोएडा भारत में फैशन शिक्षा को उद्योग से सीधे जोड़ने की दिशा में एक नई पहल करते हुए आईएमएस डिजाइन एंड इनोवेशन एकेडमी (आईएमएस-डीआईए) ने मेडुसा फैशन हाउस के सहयोग से “रनवे-टू-ब्रांड” इंटेंसिव डिप्लोमा कार्यक्रम लॉन्च करने की घोषणा की है। तीन माह का यह विशेष कार्यक्रम डिजाइनरों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी फैशन उद्यमी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। संस्थान के अनुसार यह कार्यक्रम पारंपरिक फैशन डिजाइन कोर्स से अलग एक संपूर्ण निष्पादन-आधारित मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें प्रतिभागियों को अपने फैशन ब्रांड की अवधारणा से लेकर निर्माण और लॉन्च तक की पूरी प्रक्रिया सिखाई जाएगी। कार्यक्रम का समापन अंतरराष्ट्रीय मंच पर सिग्नेचर आउटफिट के प्रदर्शन के साथ होगा, जिससे प्रतिभागियों को वैश्विक पहचान मिलने का अवसर मिलेगा। आईएमएस नोएडा के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि डिजाइनरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का वास्तविक अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत से ऐसे फैशन ब्रांड तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा जो वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकें। 12 सप्ताह के इस डिप्लोमा कार्यक्रम को चार प्रमुख स्तंभों—टेक्निकल कंस्ट्रक्शन, रनवे डेवलपमेंट, ब्रांड फाउंडेशन और कमर्शियलाइजेशन—पर तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को एडवांस पैटर्न मेकिंग, ड्रेपिंग, फिनिशिंग, ब्रांड पोजिशनिंग, प्राइसिंग और मार्केटिंग रणनीतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभागी एक सिग्नेचर रनवे आउटफिट, तकनीकी गारमेंट फाइल, ब्रांड पहचान, बिजनेस रणनीति और डिजिटल लुकबुक भी तैयार करेंगे। मेडुसा फैशन हाउस की फाउंडर सोनल जिंदल ने कहा कि यह सहयोग भारतीय डिजाइनरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रोफेशनल फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, अंतरराष्ट्रीय पीआर, मीडिया एक्सपोजर और डिजिटल प्रमोशन जैसे अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। आईएमएस-डीआईए के डीन प्रोफेसर (डॉ.) एम.के.वी. नायर ने बताया कि इस कार्यक्रम की खासियत इसका व्यावहारिक और परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण है। सीमित 32 प्रतिभागियों के बैच के साथ यह कार्यक्रम व्यक्तिगत मार्गदर्शन और गहन प्रशिक्षण पर केंद्रित रहेगा। इसके अलावा, इस पहल को संस्थान के बैचलर ऑफ डिजाइन प्रोग्राम से भी जोड़ा जाएगा, जहां चौथे वर्ष के छात्र “डीआईए कलेक्शन” के तहत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सिग्नेचर गारमेंट्स प्रस्तुत करने का अवसर पाएंगे। इस नई पहल से उम्मीद की जा रही है कि देश में फैशन शिक्षा को उद्योग से जोड़ने और युवा डिजाइनरों को वैश्विक अवसर दिलाने की दिशा में एक मजबूत मंच तैयार होगा।