
गाजियाबाद। विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने चंद्रशेखर रावण के हालिया विवादित बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले ऐसे वक्तव्यों को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई यह कहता है कि हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा, तो यह भी स्मरण रहे कि समाज में राम, परशुराम, हनुमान और मंगल पांडे जैसे वीर परंपरा के रक्षक भी हर घर से निकल सकते हैं, जो समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि चंद्रशेखर रावण के खिलाफ गंभीर आरोप सार्वजनिक रूप से पहले ही सामने आ चुके हैं और ऐसे आरोपों से मुंह मोड़कर बयानबाजी करना समाज के भीतर भ्रम और अशांति फैलाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि समाज में गंदगी फैलाने वाली सोच कभी रचनात्मक नहीं हो सकती और न ही समाज या देश के हित में काम कर सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ की जाने वाली बयानबाजी किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। सनातन परंपरा आदि अनादि है, और इतिहास में कई बार इसे मिटाने के प्रयास हुए, लेकिन सत्य और धर्म की शक्ति के कारण यह आज भी विश्व मंच पर मानव हित और कल्याण की राह दिखा रहा है।
बीके शर्मा हनुमान ने ब्राह्मण समाज को एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि ब्राह्मण केवल एक जाति नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जो विश्व बंधुत्व और मानवता के उत्थान की भावना रखती है। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक रहना होगा, ताकि धर्म, समाज और राष्ट्र की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने समाज के लोगों को अपने पूर्वजों की विरासत से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और कहा कि त्याग, संयम और राष्ट्रहित ही ब्राह्मणत्व की मूल पहचान है। उनके अनुसार, राष्ट्र को मजबूत और जीवंत बनाए रखने में ब्राह्मण समाज की ऐतिहासिक भूमिका आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।