
नोएडा। आईएमएस–डिज़ाइन एंड इनोवेशन एकेडमी (डीआईए) में दो दिवसीय डिज़ाइन कॉन्क्लेव की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। यह आयोजन नई पीढ़ी को रचनात्मक सोच, डिज़ाइन थिंकिंग और नवाचार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। शुक्रवार और शनिवार को आयोजित होने वाले इस कॉन्क्लेव में कला, डिज़ाइन और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों की व्यापक सहभागिता होगी।
पहला दिन: रचनात्मकता पर केंद्रित वर्कशॉप और गतिविधियाँ
कॉन्क्लेव का पहला दिन आर्ट टीचर और स्कूली विद्यार्थियों के लिए समर्पित होगा।
आर्ट टीचर्स के लिए स्क्रिबल आर्ट वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रशिक्षकों को रेखाओं और आकृतियों के माध्यम से अभिव्यक्ति के नए स्वरूपों से परिचित कराया जाएगा।
इसी क्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए वेस्ट आउट ऑफ बेस्ट प्रशिक्षण सत्र रखा गया है। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण-जागरूकता, पुन: उपयोग, रचनात्मकता, समस्या-समाधान और डिज़ाइन थिंकिंग जैसी क्षमताओं को मजबूत करना है।
छात्रों को यह सिखाया जाएगा कि बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं से आकर्षक और उपयोगी उत्पाद कैसे बनाए जा सकते हैं।
दूसरा दिन: देशभर के 40 प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रिंसिपलों का विचार-विमर्श
कॉन्क्लेव के दूसरे दिन देश के 40 प्रमुख स्कूलों के प्रिंसिपल एक महत्वपूर्ण अकादमिक सत्र में हिस्सा लेंगे।
इस सत्र में निम्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा—
डिज़ाइन शिक्षा का बदलता स्वरूप
रचनात्मक करियरों के बढ़ते वैश्विक अवसर
उद्योगों की नई कौशल आवश्यकताएँ
भविष्य के करियरों के लिए छात्रों को स्कूल स्तर से कैसे तैयार किया जाए
विशेषज्ञ यह भी बताएंगे कि डिज़ाइन-आधारित करियर आने वाले वर्षों में किस तरह मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और युवाओं के लिए इनमें कौन-कौन से नए अवसर खुल रहे हैं।
आईएमएस–डीआईए का यह डिज़ाइन कॉन्क्लेव छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा जगत के नेताओं को एक मंच पर लाते हुए रचनात्मकता और नवाचार को नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा।