
गाजियाबाद। विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस के अवसर पर भागीरथ सेवा संस्थान, फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन और राम चमेली चड्ढा विश्वास गर्ल्स कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ़रेंस का भव्य समापन हुआ। इस सम्मेलन का उद्देश्य समाज में दिव्यांगता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को मार्गदर्शन प्रदान करना था।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार में राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा (उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय) ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल (हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद) मौजूद रहे।सम्मेलन में देशभर से आए रिहैबिलिटेशन विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट, स्पीच थेरपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, आयुर्वेद विशेषज्ञ, पैडियाट्रिशियन और विशेष शिक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया। विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, पुनर्वास पद्धतियों और नए शोधों की जानकारी साझा की।इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए डॉ. त्रिभुवन सिंह, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. धीरज सिंह, डॉ. नरेंद्र पांडेय, डॉ. अभिषेक पांडेय, डॉ. विजय प्रकाश और डॉ. राहुल शुक्ला समेत कई प्रतिष्ठित चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुनीता सूद, जिन्होंने होली फैमिली अस्पताल में 40 वर्षों तक सेवा दी, विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उनके अनुभव और समर्पण ने युवा पेशेवरों को प्रेरित किया।फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के निदेशक डॉ. महिपाल सिंह ने बताया कि “सम्मेलन में सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों, उनके अभिभावकों और रिहैब प्रोफेशनल्स के लिए इंटरएक्टिव सत्र रखे गए ताकि उन्हें व्यावहारिक समाधान और प्रेरणा मिल सके।”कार्यक्रम के दौरान भागीरथ स्पेशल स्कूल और फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन के दिव्यांग बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। मंच पर तालियों की गूंज के बीच बच्चों की प्रतिभा ने सभी का दिल जीत लिया।विशेष रूप से बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित नेशनल वोची टूर्नामेंट में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने वाले भागीरथ स्पेशल स्कूल के बच्चे प्राची, खुशी, आंचल, प्रशिक्षक अंकित और कोच सुमन राजपूत को मंत्री बी.एल. वर्मा ने प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।सम्मेलन में “एक मां – एक सम्मान” के तहत दिव्यांग बच्चों की सशक्त माताओं को भी सम्मानित किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रोफेशनल्स को भी दिव्यांगता क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।राज्य मंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि “फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन और भागीरथ सेवा संस्थान जैसी संस्थाएँ समाज में दिव्यांगों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए मिसाल हैं। सरकार हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।”कार्यक्रम में डॉ. महिपाल सिंह, डॉ. दीक्षा सिंह और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।पत्रकार प्रमोद दीक्षित ने कहा कि “यह आयोजन केवल चिकित्सा सम्मेलन नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का उत्सव है। दिव्यांगता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक अलग क्षमता का प्रतीक है। जब समाज संवेदनशील बनता है, तभी सच्ची समावेशिता का अर्थ पूरा होता है।”उन्होंने आगे कहा कि “फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन जैसी संस्थाएँ यह साबित कर रही हैं कि सेवा और विज्ञान के संगम से असंभव भी संभव हो सकता है।”पत्रकार प्रमोद दीक्षित ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा तय करते हैं — “यह सम्मेलन एक नई सोच, नई दिशा और नई आशा का प्रतीक है।”कार्यक्रम के समापन पर पूरे परिसर में भावनाओं, प्रेरणा और संवेदना का अद्भुत माहौल रहा।—🩵 समावेशी समाज की ओर एक सशक्त कदम — रिपोर्ट: प्रमोद दीक्षित, गाजियाबाद संवाददाता