नोएडा से संवाददाता प्रमोद दीक्षित

नोएडा। “महानता की उपाधि अकबर और औरंगज़ेब को नहीं, बल्कि उन वीरों को मिलनी चाहिए जिनकी वजह से हम आज स्वतंत्र हवा में सांस ले पा रहे हैं।” यह जोरदार संदेश सेक्टर-6 स्थित एनईए सभागार में शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की 118वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सद्गुरु श्री रितेश्वर जी महाराज ने दिया।उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करने के लिए बच्चों को वही इतिहास पढ़ाना होगा, जिसमें शहीद भगत सिंह, रानी लक्ष्मीबाई, चंद्रशेखर आज़ाद, शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह और महाराणा प्रताप जैसे वास्तविक नायकों की गाथाएँ हों। सद्गुरु ने चेताया कि जब तक शिक्षा-पाठ्यक्रम को इन वीरों की कहानियों से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक देश का भविष्य मजबूत नहीं हो सकता।सद्गुरु ने भगत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा—”सिर्फ 23 वर्ष की आयु में प्राणों की आहुति देने वाला यह वीर आज भी करोड़ों युवाओं के दिलों में जीवित है। शिक्षा व्यवस्था को चाहिए कि वह बच्चों के भीतर साहस, देशभक्ति और समाज-निर्माण की चिंगारी जगाए।”इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे युवाओं को यूथ आईकन अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्रुति अग्रवाल, सीए संतोष केशरी, जतिन जिंदल, रोहित मित्तल, देवेंद्र गंगल, दीपिका बाली, सोनिया शर्मा, प्रीति बत्रा, कुणाल सहगल, मनीष शर्मा, अंकुर शर्मा, रवि यादव और चैतन्य मेहरोत्रा शामिल रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता अविनाश सिंह और लोकेश चौहान ने की। वहीं, मंच पर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह, डॉ. पीयूष अवाना, विपिन मल्हन, ललित ठुकराल, ओमवीर यादव, विक्की चौधरी, सतपाल यादव, सतनारायण गोयल, अशोक श्रीवास्तव, विभा चुघ, रचना यादव, गौरव मेहरोत्रा, नीरज शर्मा, उमेश बत्रा, रंजन तोमर, गिरीश मिश्र, विकास त्रिपाठी, राकेश कोहली, धर्मवीर शर्मा और जितेंद्र अम्बावता जैसे गणमान्य लोग मौजूद रहे।इस ऐतिहासिक आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारत का भविष्य गुलामी नहीं, बल्कि वीरों की गाथाओं और देशभक्ति की ज्योति से ही उज्ज्वल हो सकता है।