
नोएडा। सेक्टर 82 स्थित ईडब्ल्यूएस पॉकेट 12 के सेंटर पार्क में चल रही श्रीराम कथा में आज एक विशेष अवसर देखने को मिला, जब गोंडा से सांसद और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह की पुत्री शालिनी सिंह कथा स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी पंचमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। उनके साथ समाजसेविका गरिमा त्रिपाठी और इंद्राणी मुखर्जी भी उपस्थित रहीं। कथा स्थल पर उनके आगमन से भक्तों में विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला।बृजभूषण शरण सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा नाम हैं। वे अब तक छह बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। पहली बार वे वर्ष 1991 में गोंडा से सांसद चुने गए थे और इसके बाद उन्होंने बलरामपुर व कैसरगंज से भी संसद में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वर्तमान में वे कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। इसके साथ ही वे लंबे समय तक भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष पद पर भी कार्य कर चुके हैं। राजनीति और खेल, दोनों क्षेत्रों में उनका प्रभाव रहा है और वे हमेशा जनहित के मुद्दों को लेकर चर्चाओं में रहते हैं।पत्रकार प्रमोद दीक्षित के अनुसार, कथा स्थल पर जैसे ही शालिनी सिंह पहुँचीं, श्रद्धालु जय श्रीराम के नारों से गूंज उठे। स्वामी पंचमानंद महाराज ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि धर्म, सेवा और संस्कार एक ही धारा के तीन रूप हैं और जो इन्हें जीवन में अपनाता है, वही सच्चे अर्थों में सफल होता है।शालिनी सिंह अपने पिता की तरह ही समाजसेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। वे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में कार्य करती हैं। उनके जीवन की शुरुआत गोंडा से हुई, जहां से उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की। इसके बाद वे अपने पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ीं और साथ ही कई सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से समाजसेवा में कदम बढ़ाया। पत्रकार प्रमोद दीक्षित बताते हैं कि शालिनी सिंह अपने व्यक्तित्व, सादगी और समाज के प्रति समर्पण भाव के कारण लोगों के बीच विशेष लोकप्रियता रखती हैं।कथा के दौरान उन्होंने गरिमा त्रिपाठी और इंद्राणी मुखर्जी के साथ भजन-कीर्तन में भाग लिया। गरिमा त्रिपाठी, जो सामाजिक और सांस्कृतिक मंचों से जुड़ी हैं, ने कथा की व्यवस्था और श्रद्धालुओं के स्वागत में सक्रिय भूमिका निभाई। इंद्राणी मुखर्जी ने भी स्वामी पंचमानंद महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया और भक्तों के साथ धर्म की महिमा पर अपने विचार साझा किए।पत्रकार प्रमोद दीक्षित के मुताबिक, शालिनी सिंह की उपस्थिति ने न केवल कथा की शोभा बढ़ाई बल्कि यह भी दर्शाया कि आज की युवा पीढ़ी धर्म और संस्कृति से जुड़कर समाज में सकारात्मक संदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि शालिनी सिंह जैसे व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं।कार्यक्रम स्थल पर समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वामी पंचमानंद महाराज के सान्निध्य में पूरा पंडाल राम भक्ति में डूब गया। कथा में शामिल होने वाले लोगों ने बताया कि इस आयोजन में शालिनी सिंह, गरिमा त्रिपाठी और इंद्राणी मुखर्जी की उपस्थिति ने भक्ति और अनुशासन का एक अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।अंत में, कथा का समापन आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। पंडाल में उपस्थित भक्तों ने कहा कि यह दिवस यादगार रहेगा, क्योंकि इस दिन भक्ति, श्रद्धा और प्रेरणा – तीनों का संगम एक ही मंच पर दिखाई दिया। (पत्रकार प्रमोद दीक्षित द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार)
